गुवाहाटी, 09 फरवरी (हि.स.)। असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व लाेकसभा सांसद गौरव गोगोई की पड़ाेसी देश पाकिस्तान के साथ कथित संबंधों की जांच केंद्रीय एजेंसियों, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) या केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने के लिए असम प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और दरंग-उदालगुड़ी से सांसद दिलीप सैकिया ने केंद्र सरकार से बिना किसी देरी के हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

प्रदेश पार्टी मुख्यालय, अटल बिहारी वाजपेयी भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा द्वारा 8 फरवरी को सार्वजनिक की गई एसआईटी रिपोर्ट में शामिल हर तथ्य और दावे के पीछे सौ प्रतिशत दस्तावेजी सबूत हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी परिस्थिति में गौरव गोगोई इन गंभीर सवालों के जवाब देने से बच नहीं सकते। उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा क्यों की और वहां किससे मिले, ये ऐसे सवाल हैं जिनका गोगोई को असम के लोगों को स्पष्ट और बिना किसी संदेह के जवाब देना होगा। सैकिया ने स्पष्ट रूप से जोर दिया कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान कनेक्शन का मुद्दा पक्षपातपूर्ण राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह एक राजनेता के मातृभूमि के प्रति नैतिक कर्तव्य, उसकी राष्ट्रीय जिम्मेदारी और भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के बड़े ढांचे से संबंधित है। इसलिए, एक चुने हुए प्रतिनिधि द्वारा दुश्मन देश के साथ गुप्त संबंध बनाए रखने के आरोप की केंद्रीय एजेंसियों द्वारा बारीकी से जांच की जानी चाहिए, और यदि यह साबित होता है, तो उसे कड़ी कानूनी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल राजनीतिक नेताओं का असली चेहरा उजागर करने के लिए ही केंद्रीय जांच अपरिहार्य है।
दिलीप सैकिया ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों पर, कांग्रेस की भाषा हमेशा पाकिस्तान की भाषा की तरह रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के शब्द और कार्य लगातार पाकिस्तान समर्थित कट्टरपंथी ताकतों और आतंकवादी तत्वों के साथ मेल खाते हैं। संसद में कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए भाषणों को पाकिस्तानी अखबारों में नियमित रूप से प्रमुखता से जगह मिलती है, क्योंकि, उन्होंने कहा, कांग्रेस की बयानबाजी लंबे समय से पाकिस्तान के आतंक के इकोसिस्टम के पूरक के रूप में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के कार्यकाल के दौरान, पाकिस्तान को सौंपे गए डोजियर का इस्तेमाल बाद में उस देश ने भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चाहे सत्ता में हो या विपक्ष में, कांग्रेस लगातार पाकिस्तान के साथ खड़ी रही है, और उसके कामों ने बार-बार चरमपंथी और आतंकवादी एजेंडा को बढ़ावा दिया है। सैकिया ने आगे बताया कि गौरव गोगोई के सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों को पाकिस्तानी मीडिया आउटलेट्स और दुश्मन देश के नागरिकों द्वारा चलाए जा रहे सोशल मीडिया हैंडल्स द्वारा अक्सर बढ़ाया और सराहा जाता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए गौरव गोगोई पसंदीदा बन गए हैं, यही वजह है कि उनके शब्द अक्सर सीमा पार सुर्खियों में छाए रहते हैं।
दिलीप सैकिया ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जारी एसआईटी रिपोर्ट में किए गए चौंकाने वाले खुलासों ने आज हर आत्म-सम्मान रखने वाले असमिया और भारतीय नागरिक को शर्मिंदा किया है, और इन खुलासों से न केवल असम में बल्कि पूरे देश में गहरी चिंता पैदा हुई है। उन्होंने मांग की कि गौरव गोगोई बताएं कि किन परिस्थितियों में उनकी पत्नी को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से असाधारण मेहमाननवाजी मिली। ऐसे समय में जब पाकिस्तान द्वारा भारतीय खिलाड़ियों और पत्रकारों के लिए वीजा पर कड़ी पाबंदी लगाई जा रही थी, गौरव गोगोई के लिए रेड कार्पेट क्यों बिछाया गया? उन्होंने कहा कि हर नागरिक को जानने का अधिकार है और गोगोई को जवाब देना होगा।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गौरव गोगोई के पाकिस्तान प्रेम के कारण, दिवंगत मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पोते-पोतियां विदेशी नागरिक बन गए हैं; उनकी बहू भी एक विदेशी नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि चार लोगों के परिवार में, गौरव गोगोई अब अकेले रह गए हैं, शायद यही वजह है, उन्होंने इशारा किया, कि गोगोई की अल्पसंख्यक मियां मुद्दों के प्रति सहानुभूति दिखती है। उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति ने असमिया समाज को संकट की ओर धकेल दिया है और गोगोई के आचरण ने असमिया गौरव और पहचान के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
दिलीप सैकिया ने घोषणा की, “हमारा संघर्ष सिर्फ गौरव गोगोई नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमारा संघर्ष कांग्रेस पार्टी की राष्ट्र-विरोधी और स्वदेशी-विरोधी विचारधारा के खिलाफ है। यह एक ऐसी राजनीतिक ताकत के खिलाफ लड़ाई है जो बार-बार भारत के खिलाफ रुख अपनाती है। एसआईटी रिपोर्ट में गोगोई के पाकिस्तान के साथ गुप्त संबंधों का खुलासा होने के बाद, असम के लोग गुस्से में और परेशान हैं। पूरे राज्य में नागरिक उनकी राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों की निंदा कर रहे हैं। यह निंदा आज हर जगह गूंज रही है।—————-
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
