चंडीगढ़, 28 जनवरी (हि.स.)। हरियाणा में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने हारे हुए विधानसभा हलकों में अपने पकड़ को मजबूत करने तथा जीत में बदलने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। भाजपा नेतृत्व ने उन विधायकों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है, जिन्हें विपक्षी विधायकों के हलकों में प्रभारी नियुक्त किया गया था और उन्होंने अभी तक कोइर परफोरमेंस नहीं दिखाई।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, भाजपा प्रभारी डा. सतीश पूनिया और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली की मौजूदगी में हुई भाजपा की प्रदेश स्तरीय बैठक में ऐसे एक दर्जन विधायकों तथा मंत्रियों के प्रति नाराजगी दिखाई गई है, जिन्होंने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई है।

पार्टी ने उन्हें अपनी विधानसभा के साथ-साथ विरोधी दलों के विधायकों की विधानसभाओं में भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में 48 विधायक भाजपा के हैं और 42 विधायक कांग्रेस, निर्दलीय व इनेलो के हैं। भाजपा का लक्ष्य उन विधानसभा क्षेत्रों में अभी से पार्टी के लिए माहौल बनाने का है, जहां पार्टी चुनाव जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है।
सोमवार को देररात तक चली बैठक में प्रत्येक विधायक और मंत्री को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में वीबी-जीरामजी योजना की खूबियां बताने तथा कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए कम से कम पांच-पांच सम्मेलन करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे ही सम्मेलन विरोधी राजनीतिक दलों के विधानसभा क्षेत्रों में भी शेडो मंत्रियों व विधायकों को करने होंगे। निगम प्रभारियों से कहा गया है कि वे संबंधित क्षेत्रों में जाकर उपयुक्त व जीतने वाले उम्मीदवार की तलाश करने के साथ ही धरातल पर विपक्ष की राजनीति को धराशायी करने की योजना पर काम करें। बैठक में सभी बूथों पर बीएलए-टू की जल्दी नियुक्तियां करने पर भी सहमति बनी है। मन की बात कार्यक्रम से लोगों को जोडऩे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
