सिलीगुड़ी, 23 जनवरी (हि. स.)। विकास निधि में भेदभाव का आरोप लगाते हुए सिलीगुड़ी के भाजपा विधायक शंकर घोष द्वारा किया गया 24 घंटे का प्रतीकात्मक अनशन शुक्रवार को समाप्त हो गया। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद विधायक शंकर घोष ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अपने अनशन कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया।

अनशन मंच पर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के सामने नेताजी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विधायक ने एक बार फिर अपने आंदोलन के उद्देश्य को स्पष्ट किया। शंकर घोष का आरोप है कि राज्य सरकार जानबूझकर विपक्षी दलों के विधायकों के लिए निर्धारित विधायक विकास निधि (एमएलए फंड) के कार्यों को रोक रही है। प्रशासनिक स्तर पर बाधाएं खड़ी कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस भेदभावपूर्ण रवैये के कारण सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र के कई महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं रुकी हुई है, जिसका सीधा नुकसान आम जनता को हो रहा है। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह अनशन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि विपक्षी विधायकों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ एक प्रतीकात्मक आंदोलन है।
शंकर घोष ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में वह बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनता के हितों की रक्षा के लिए उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
