जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में कहा कि भीलवाड़ा जिले के पांसल और समोडी तालाब में अतिक्रमण कर मलबा डालने का मामला संज्ञान में आने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। संबंधित लीजधारी को नोटिस जारी किए गए हैं और जिला कलेक्टर को भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने आश्वस्त किया कि आगामी वर्षाकाल से पहले इन तालाबों के भराव और बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण हटा दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि जल प्रवाह क्षेत्र में अवरोधों को हटाने के लिए राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर प्रशासनिक सुधार विभाग द्वारा जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। इस समिति में जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी शामिल हैं, जो जल स्रोतों में आने वाले अवरोधों को हटाने के लिए समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।
विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक उदयलाल भडाणा द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों के जवाब में मंत्री ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में बजट वर्ष 2026-27 के तहत पंचायती राज विभाग से जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित छोटे बांधों और तालाबों में से 200 तालाबों का चरणबद्ध तरीके से जीर्णोद्धार किया जाएगा। इसके लिए करीब 300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मंत्री ने बताया कि भीलवाड़ा जिले के सुरास, पांसल और समोडी तालाब पंचायत राज विभाग को हस्तांतरित तालाबों में शामिल हैं।
वहीं विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने जानकारी दी कि मानसून 2025 के दौरान पांसल तालाब 10 फीट के पूर्ण जलभराव गेज तक भरा था, जबकि सुरास तालाब 5.70 फीट के मुकाबले 5 फीट तक और समोडी तालाब 7 फीट के मुकाबले 5 फीट तक भरा। उन्होंने कहा कि सुरास तालाब के जलग्रहण क्षेत्र में किसी प्रकार का अवरोध या जल आवक बाधित होने का मामला सामने नहीं आया है।
मंत्री ने सदन के पटल पर पांसल और समोडी तालाब के जलग्रहण और जलभराव क्षेत्र में मौजूद अवरोधों का विवरण भी रखा और बताया कि इन्हें हटाने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
