
भीलवाड़ा, 05 अप्रैल (हि.स.)। जिले में न्यायिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए सांगानेर-तस्वारिया क्षेत्र में 62 बीघा भूमि पर अत्याधुनिक जिला न्यायालय परिसर के निर्माण का भूमि पूजन रविवार को किया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में न्यायपालिका और राज्य सरकार के वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने कहा कि बदलते समय के साथ न्याय व्यवस्था को तकनीक से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने ई-कोर्ट, डिजिटल फाइलिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन सेवाओं के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया।
उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने कहा कि यह परियोजना केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि मजबूत और प्रभावी न्याय व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सुलभ और त्वरित न्याय से ही समाज में विश्वास और संतुलन कायम रहता है।
नए न्यायालय परिसर में आधुनिक सुविधाओं का समावेश किया जाएगा, जिसमें पर्याप्त न्यायालय कक्ष, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर, डिजिटल रिकॉर्ड प्रणाली, पुस्तकालय, प्रतीक्षालय और पार्किंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। इससे न्यायिक कार्यप्रणाली को गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
न्यायाधीश डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने न्यायिक क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सकारात्मक बताया, वहीं न्यायाधिपति फरजन्द अली ने युवा अधिवक्ताओं को मेहनत और अनुशासन के लिए प्रेरित किया। न्यायाधिपति प्रवीर भटनागर ने अधिवक्ताओं को न्याय प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए उनकी भूमिका को रेखांकित किया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय जैन ने बताया कि वर्तमान न्यायालय वर्ष 1948 से संचालित हो रहा है और स्थानाभाव के कारण कई अदालतें बाहर संचालित हो रही हैं। नए परिसर के निर्माण से इन समस्याओं का समाधान होगा।
इस अवसर पर जिला अभिभाषक संस्था की नव निर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शहर विधायक अशोक कोठारी, मांडल विधायक उदयलाल भड़ाना, सहाड़ा विधायक लादूलाल पितलिया, शाहपुरा विधायक लालाराम बैरवा, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत मेवाड़ा, जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू और पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मूलचंद
