चंडीगढ़, 05 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने किराएदारों के परिवार पहचान पत्र को लेकर चल रहे विवाद को खत्म कर दिया है। अब किराएदार अपने मालिक की सहमति के साथ प्रापर्टी आईडी भरकर पहचान पत्र बनवा सकेंगे। हरियाणा विधानसभा मेें पानीपत के विधायक प्रमोद विज ने गुरुवार को यह मुद्दा उठाया। विज ने शहरी क्षेत्रों में परिवार पहचान पत्र की अनिवार्यता पर सवाल उठाते हुए सरकार से पूछा कि जिन किराएदारों के पास अपनी संपत्ति नहीं है वह किस तरीके से पहचान पत्र बनवा सकते हैं।

इसके जवाब में मुख्यमंत्री की तरफ से कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में आवेदक परिवारों के आवसीय पते के उचित सत्यापन और प्रमाणिकरण को सुनिश्चित करने के लिए प्रापर्टी आईडी अनिवार्य है। मंत्री ने बताया कि कोई व्यक्ति किराएदार है या उसके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है तो वह परिवार पहचान पत्र के संबंधित विकल्प का चयन कर सकता है। संबंधित व्यक्ति जिस परिसर में रहता है वह उसकी सहमति के साथ प्रापर्टी आईडी दर्ज कर सकता है। इसी के आधार पर उचित सत्यापन किया जाएगा।

विज ने पूरक सवाल उठाते हुए कहा कि किराएदारों के पास कोई संपत्ति नहीं है और वह सरकार की योजना के लाभ के दायरे में आता है लेकिन मकान मालिक के पास संपत्ति है और वह सरकारी योजना के लाभ के दायरे से बाहर है तो ऐसे में उसे लाभ देने को लेकर क्या योजना है।
कृष्ण बेदी ने कहा कि इस तरह का मामला अभी तक सरकार के सामने नहीं आया था आज विधानसभा में आने के बाद इस पर विचार करते हुए सरकार जल्द ही कोई बीच का रास्ता निकालेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा
