हरिद्वार, 19 अप्रैल (हि.स.)। किर्बी श्रमिक कमेटी के प्रथम स्थापना दिवस के अवसर पर हरिद्वार में एक बड़ी मजदूर सभा का आयोजन किया गया। जिसमें सिडकुल क्षेत्र की विभिन्न ट्रेड यूनियनों और सामाजिक संगठनों ने भागीदारी की।

सभा में इंकलाबी मजदूर केन्द्र, संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा, भारतीय किसान यूनियन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, पीपल्स यूथ फ्रंट और प्रगतिशील भोजनमाता संगठन सहित कई संगठनों की उपस्थिति रही। वक्ताओं ने किर्बी प्रबंधन की नीतियों को हठधर्मिता करार देते हुए मजदूर एकता को इसका प्रभावी जवाब बताया।
कार्यक्रम के दौरान गुड़गांव, मानेसर, नोएडा और फरीदाबाद में मजदूरों एवं उनके नेताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों और गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की गई। संगठनों ने बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो हरिद्वार में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किर्बी श्रमिक कमेटी के प्रधान कृष्ण मुरारी ने कहा कि मजदूर वर्ग अब जागरूक हो चुका है और अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष कर रहा है। इंकलाबी मजदूर केन्द्र के हरिद्वार प्रभारी पंकज कुमार ने न्यूनतम वेतन न मिलने पर चिंता जताते हुए ‘लिविंग वेतन’ और समानता आधारित समाज के लिए संघर्ष की बात कही।
पीपल्स यूथ फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललित कुमार और भारतीय किसान यूनियन के यूथ फ्रंट के जिलाध्यक्ष लव कुमार ने मजदूरों को समर्थन देते हुए किसान-मजदूर एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला
