भाेपाल, 29 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में चल रही मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण में सामने आई अनियमितताओं को लेकर पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इन गड़बड़ियों को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने गुरुवार काे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश भर में हजारों की संख्या में ऑनलाइन और ऑफलाइन आपत्तियाँ दर्ज की गईं, लेकिन न तो उनका निष्पक्ष निराकरण किया गया और न ही आपत्तिकर्ताओं को विधिसम्मत जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में एक ही दिन में बीएलओ द्वारा 50–50 फॉर्म भरवाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जो किसी संगठित साजिश की ओर इशारा करती हैं। सज्जन वर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को मिली जानकारी के अनुसार बड़ी संख्या में आपत्तियाँ एक ही पैटर्न और एक जैसी हैंडराइटिंग में दर्ज की गई हैं। अकेले नेरला विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की 4,882 आपत्तियाँ सामने आई हैं, जिससे पूरा मामला अत्यंत संदेहास्पद प्रतीत होता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में आदिवासी, अल्पसंख्यक और विशेष वर्गों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। विशेष रूप से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में आदिवासी और मुस्लिम समुदाय के नामों पर चुन-चुनकर आपत्तियाँ दर्ज कराई गईं। कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम से 50 से अधिक आपत्तियाँ डाली गईं, जबकि एक ही मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के माध्यम से 30 से 50 मतदाताओं के नाम कटवाने के प्रयास किए गए।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदेश भर में Form-7 के माध्यम से की गई सभी आपत्तियों पर एफआईआर दर्ज की जाए।
समूह में डाली गई सभी आपत्तियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आपत्तियों का जिला-वार पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए।
चुनाव आयोग पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराए।
सज्जन सिंह वर्मा ने आराेप लगाते हुए कहा कि यह पूरा प्रकरण मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनाव परिणामों को प्रभावित करने की सोची-समझी कोशिश है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए इस मुद्दे को सड़क से लेकर न्यायालय तक पूरी मजबूती से उठाएगी। इस अवसर पर मतदाता सूची प्रभारी ललित सेन एवं प्रदेश प्रवक्ता स्वदेश शर्मा भी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे
