धमतरी, 09 फ़रवरी (हि.स.)। विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 50 धमतरी की निर्वाचक नामावली को लेकर एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। आज साेमवार को इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए प्रारूप-7 के माध्यम से दर्ज की गई आपत्तियों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनुविभागीय कार्यालय के सामने कांग्रेसियों की भीड़ लगी रही।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रशासन और बीएलओ के सहयोग से घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं का गहन पुनरीक्षण किया गया था। इसके पश्चात 20 दिसंबर 2026 को मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया, जिस पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 22 जनवरी तक की समय-सीमा निर्धारित की गई थी। आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों द्वारा प्रशासन और बीएलओ की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ गंभीर छेड़छाड़ की गई है। ज्ञापन के अनुसार मसौदा मतदाता सूची में प्रारूप-7 के तहत झूठी घोषणा कर पात्र मतदाताओं को अनुपस्थित बताते हुए उनके नाम विलोपित करने के लिए आवेदन दिए गए हैं, जो पूरी तरह अनुचित और लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि अपात्र व्यक्तियों द्वारा की गई ऐसी असत्य घोषणाएं लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 31 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आती हैं। अतः ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिवत कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मांग की गई है कि प्रारूप-7 के तहत दी गई आपत्तियों की सत्यापित प्रतिलिपि संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों ने प्रशासन से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।
पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी, शरद लोहाना, सत्येंद्र देवांगन, दीपक साहू, संजू साहू, ब्लॉक अध्यक्ष शहर कांग्रेस योगेश शर्मा, शैलेंद्र दीवान, धर्मेंद्र पटेल, वीरू महाजन, कन्हैया सोनी, सूरज पासवान सहित काफी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
