धनबाद, 10 मार्च (हि.स.)। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर धनबाद जिले के मनरेगा कर्मी 9 मार्च से 11 मार्च तक तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को मनरेगा कर्मचारियों ने धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।

धरना में बीपीओ, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, लेखा सहायक, कंप्यूटर सहायक तथा ग्राम रोजगार सेवक समेत बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मी शामिल हुए। सभी कर्मचारियों ने सेवा स्थायीकरण, ग्रेड पे लागू करने, मनरेगा नियमावली 2007 में संशोधन करने तथा अन्य लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई।
इस दौरान मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिरुद्ध पाण्डेय ने पत्रकाराें से बात करते हुए कहा कि झारखंड के मनरेगा कर्मी पिछले लगभग 20 वर्षों से सरकार को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 10 महीनों से कर्मचारियों का वेतन भी बकाया है, जिसके कारण उनकी आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। कई कर्मचारियों को रोजमर्रा के खर्च चलाने और कार्यस्थल तक आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मी लंबे समय से सरकार के समक्ष अपनी मांगें रख रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो 12 मार्च से झारखंड के सभी जिलों में मनरेगा कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि हड़ताल की स्थिति बनी तो मनरेगा से जुड़ी कई योजनाओं और ग्रामीण विकास कार्यों पर इसका असर पड़ सकता है। ऐसे में इसकी पूरी जिम्मेदारी झारखंड सरकार की होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार झा
