मंडला, 03 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सोमेश मिश्रा द्वारा शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार, जिले में निजी नलकूप (बोरवेल) खनन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जिले के कई विकासखंडों, मंडला, बिछिया, मवई, घुघरी, नैनपुर, बीजाडांडी, नारायणगंज और निवास में जल स्तर लगातार गिर रहा है। ऐसे में आने वाले ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए पूरे जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। निजी एवं अशासकीय नलकूप खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है, बिना अनुमति कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी, नियमों का उल्लंघन करने पर मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी, आपात स्थिति में ही संबंधित अधिकारी की अनुमति से खनन की अनुमति दी जा सकेगी।
यह प्रतिबंध शासकीय योजनाओं के तहत किए जाने वाले नलकूप खनन पर लागू नहीं होगा। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा स्वीकृत कार्यों को जारी रखने की अनुमति दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान शामिल है। यह आदेश 15 जुलाई तक प्रभावी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
