इंदौर, 13 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में “समृद्ध किसान, समृद्ध प्रदेश” की थीम पर वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ पशुपालन एवं डेयरी उद्यमिता को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित रोजगार सृजन मॉडल के रूप में विकसित करना है। प्रदेश में डेयरी को उद्यमिता से जोड़ते हुए कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा। इसी कड़ी में 15 मार्च को दशहरा मैदान, इंदौर में राज्य स्तरीय मैत्री कार्यकर्ता/गौ सेवक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम में नव प्रशिक्षित मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हितग्राही अपने अनुभव साझा कर किसानों और पशुपालकों को प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में इंदौर, उज्जैन और भोपाल संभाग के कुल 20 जिलों से लगभग 6 हजार प्रतिभागी शामिल होंगे। इस आयोजन में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, मत्स्य पालन, कृषि अभियांत्रिकी, मध्य प्रदेश डेयरी कॉपरेटिव फेडरेशन तथा पशुपालन विभाग से जुड़े लाभान्वित हितग्राहियों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा शुक्रवार को जानकारी दी कि भारत सरकार की परियोजना राष्ट्रीय गोकुल मिशन अन्तर्गत पशु पालकों को कृत्रिम गर्भाधान की द्वार पहुंच सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मैत्री कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण नस्ल सुधार के साथ-साथ ग्रामीण युवक एवं युवतियों को स्वरोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रदेश में कुल 12,476 मैत्री कार्यकर्ता कार्यरत है। भारत सरकार से वर्ष 2026-27 के लिए 2 हजार 250 मैत्री कार्यकर्ताओं की स्वीकृति प्राप्त हुई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में कुल कृत्रिम गर्भाधान का 36 प्रतिशत मैत्री कार्यकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर
