जांजगीर-चांपा, 07 मार्च (हि.स.)। महिलाओं के स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। इसी योजना से लाभान्वित होकर ग्राम पंचायत बुड़गहन निवासी गीता बाई निर्मलकर पति गौतम प्रसाद निर्मलकर आज आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही है।

पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। घर के खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। ऐसे समय में महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए सहारा बनी। गीता बाई ने योजना से प्राप्त राशि का उपयोग समझदारी से करते हुए फल दुकान चलाने के लिए आवश्यक सामान खरीदने में किया। इससे उनके परिवार को आय का एक नया साधन मिल गया। वर्तमान में उनके पति फल दुकान का संचालन करते हैं और गीता बाई भी इस कार्य में उनका सहयोग करती हैं। इस छोटे से प्रयास से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और घर की छोटी-छोटी जरूरतें आसानी से पूरी होने लगी है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई और परिवार के स्वास्थ्य पर भी बेहतर ध्यान दिया जा रहा है।
गीता बाई कहती हैं कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि उनके जीवन में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन गई है। अब वे परिवार के निर्णयों में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वे महतारी वंदन योजना के लिए राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि इस योजना ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी है।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT
