नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने आम आदमी पार्टी (आआपा) के लगाए गए आरोपों को पूरी तरह भ्रामक, तथ्यहीन और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली देहात के गांवों में भलस्वा का कूड़ा डाले जाने का आरोप सरासर गलत है और जनता को गुमराह करने की साजिश के अलावा कुछ नहीं है।

महापौर राजा इकबाल सिंह ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा कि दिल्ली नगर निगम वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से कूड़ा प्रबंधन पर काम कर रहा है। भलस्वा सहित सभी लैंडफिल साइट्स पर वर्षों से जमा कचरे के निस्तारण के लिए बायो-माइनिंग और बायो-रिमेडिएशन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत कचरे को प्रोसेस कर अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित किया जाता है, न कि उसे किसी गांव या खाली जमीन पर फेंका जाता है।
महापौर ने बताया कि लीगेसी लैंडफिल स्थलों पर बायो-माइनिंग अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ी है। भलस्वा, ओखला और गाजीपुर में अब तक 168.36 लाख मीट्रिक टन से अधिक कचरे का निपटान किया जा चुका है। निगम की दैनिक बायो-माइनिंग क्षमता बढ़कर 30,000 टीपीडी हो गई है। नरेला-बवाना में 3600 टीपीडी और गाजीपुर में 3000 टीपीडी क्षमता के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट प्रस्तावित हैं, जिनका कार्य दिसंबर 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा। ओखला वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की मौजूदा क्षमता 1950 से बढ़ाकर 2950 टीपीडी की जा रही है, जिसका कार्य मार्च 2027 तक पूरा होगा। वहीं, तेहखंड वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की क्षमता दो हजार से बढ़ाकर तीन हजार टीपीडी की जा रही है, जिसका कार्य दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाएगा।
महापौर ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सोशल मीडिया पर जो वीडियो साझा किया है वह काटकर पेश किए गए हैं। जिन स्थानों का जिक्र किया जा रहा है, वहां निर्माण सामग्री, मिट्टी और प्रोसेस्ड इनर्ट मटीरियल का उपयोग भूमि समतलीकरण जैसे कार्यों के लिए किया जा रहा है, न कि प्लास्टिक, पॉलिथीन या कांच युक्त असंसाधित कचरे का।
महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि सवालिया लहजे में पूछा कि आआपा की जब 10 साल तक दिल्ली में सरकार थी, तब कूड़े के पहाड़ क्यों नहीं हटे। आज जब भाजपा शासित नगर निगम कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने की दिशा में ठोस काम कर रहा है, तो आआपा को यह सब पसंद नही आ रहा है। उन्होंने कहा कि आआपा केवल डर और भ्रम फैलाकर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रही है।
महापौर ने कहा कि दिल्ली देहात के किसी भी गांव में असंसाधित कूड़ा नहीं डाला जा रहा है। दिल्ली नगर निगम पर्यावरणीय नियमों और एनजीटी के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
राजा इकबाल सिंह ने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य केवल कचरे का निस्तारण ही नहीं, बल्कि दिल्ली को स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाना है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, कड़े पर्यावरणीय मानकों और सतत निगरानी प्रणाली को अपनाया गया है। निगम के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात इस दिशा में काम कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ियों को कचरे के पहाड़ों से मुक्त दिल्ली मिल सके।
उन्होंने आगे कहा कि आआपा को राजनीतिक बयानबाजी छोड़कर जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए। यदि उनके पास कोई ठोस सुझाव या तथ्य हैं तो वे उन्हें संबंधित मंचों पर रखें, न कि सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो फैलाकर जनता को गुमराह करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी
