ओवेसी और जलील को हिंदू धर्म अपना लेना चाहिए: मंत्री नीतेश राणे

मुंबई, 26 जनवरी (हि.स.)। महाराष्ट्र में हरे रंग को लेकर राजनीति गरमा गई है। मंत्री नीतेश नारायण राणे ने सोमवार को कहा कि एमआईएम नेता ओवेसी और इम्तियाज जलील को हरे रंग की बात करने की बजाय हिंदू धर्म अपना लेना चाहिए। हम इन लोगों को हिंदू धर्म में स्वीकार कर लेंगे।
नीतेश राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में सिर्फ भगवा रंग ही चलेगा। इसका कारण भगवा रंग छत्रपति शिवाजी महाराज के विजय का द्योतक है। महाराष्ट्र में कोई भी व्यक्ति हरे रंग की बात करेगा तो जनता उसे उसकी औकात दिखा देगी। हालांकि इसी मुद्दे पर रविवार को नीतेश राणे ने ओवेसी और जलील को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा था कि इन लोगों की कब्र औरंगजेब की कब्र के बगल में बनानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में हरे रंग का विवाद मुंब्रा की नवनिर्वाचित पार्षद सहर शेख के व्यक्तव्य की वजह से शुरु हुआ है। सहर शेख ने कहा था कि वे पूरे मुंब्रा को हरा बना देंगी। इसके बाद भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष किरीट सोमैया मुंब्रा पुलिस स्टेशन में गए थे और कहा था कि सहर शेख ने माफी मांग लिया है, इसलिए इस विवाद को यहीं समाप्त किया जाता है। लेकिन इसके बाद फिर से एमआईएम नेता इम्तियाज जलील मुंब्रा पहुंचे और उन्होंने कहा कि वे सहर शेख के व्यक्तव्य पर अडिग हैं। इम्तियाज जलील ने कहा कि वे पूरे महाराष्ट्र को हरा कर देंगे।
इम्तियाज जलील के इस व्यक्तव्य के बाद आज किरीट सोमैया ने कहा कि जलील राज्य में अशांति फैलाना चाहते हैं, इसलिए उनपर कानूनन कार्रवाई की जानी चाहिए। मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि इस तरह का व्यक्तव्य किसी को नहीं देना चाहिए, इससे अनायास कानून व्यवस्था खराब होने का अंदेशा है। लेकिन शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राऊत ने कहा कि वे इस तरह के बयान को महत्व नहीं देते हैं। हरा रंग प्रकृति का है। महाराष्ट्र के पहले मुख्यमंत्री यशवंत राव चव्हाण ने महाराष्ट्र में हरित क्रांति लाई थी। इस तरह की बयानबाजी सिर्फ पब्लिसिटी फंडा है, लोगों को इससे बचना चाहिए। संजय राऊत ने यह भी कहा कि चुनाव में एमआईएम को उनकी पार्टी हराती आई है, आगे भी हराएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव
