सीवान, 04 अप्रैल (हि.स.)। सीवान के महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारी को लेकर आयोजित त्रि-दिवसीय आचार्य कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। समापन सत्र में विद्या भारती के सीवान विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम, विद्यालय प्रबंधन समिति के संरक्षक प्रो. रविन्द्र पाठक, अध्यक्ष डॉ. शरद चौधरी, सचिव प्रो. शंभुनाथ प्रसाद, कोषाध्यक्ष जीव नारायण, सहसचिव ओमप्रकाश सिंह, प्राचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन तथा प्रभारी प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुई। इसके बाद प्राचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन ने कार्यशाला के विभिन्न सत्रों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत करते हुए इसकी उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य नए सत्र के लिए शैक्षणिक एवं प्रशासनिक तैयारियों को सुदृढ़ करना रहा।
तृतीय दिवस की शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक एवं योग सत्र से हुई, जिसमें आचार्य जीऊत चक्रवर्ती एवं वंदना प्रमुख मुरली मनोहर मिश्र के निर्देशन में आचार्यों ने योगाभ्यास किया। प्रथम सत्र में ‘आचार्य भारती’ का गठन कर विद्यालय के विभिन्न विभागों के लिए प्रमुख एवं सहायक आचार्यों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं।
द्वितीय सत्र में आचार्य नियमावली वितरित करते हुए उसके प्रावधानों पर चर्चा की गई। वहीं तृतीय सत्र में संस्कृति बोध परियोजना एवं कक्षाओं की शैक्षणिक उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए नए सत्र के लिए कक्षाचार्यों एवं दिवसाधिकारियों को दायित्व सौंपे गए।
समापन सत्र में आयोजित मुक्त चिंतन बैठक में आचार्यों ने विद्यालय की भौतिक सुविधाओं, शिक्षकों की आवश्यकताओं एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर अपने विचार रखे। प्रबंधन समिति ने इन सुझावों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया। कार्यशाला का समापन शांति मंत्र के साथ हुआ तथा सभी आचार्यों ने नए सत्र में उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण बनाने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / Amar Nath Sharma
