—श्री बड़े हनुमान मंदिर एवं श्री कुंभेश्वर महादेव को भोग-प्रसाद एवं उपहार भी प्रेषित

वाराणसी, 10 फरवरी (हि.स.)। महाशिवरात्रि के पूर्व मंगलवार को श्रीकाशी विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में एक विशेष धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया गया। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा के संयोजन में पौराणिक तीर्थ त्रिवेणी संगम (गंगा–यमुना–सरस्वती) के निर्मल अमृत सरीखे जल से श्री काशी विश्वनाथ दरबार में पावन ज्योर्तिलिंग का अभिषेक किया गया।

इस अवसर पर बाबा विश्वनाथ धाम से विशेष वाहन के जरिए संगम के पवित्र जल को घड़ों में भरकर रुद्रावतार महाबली हनुमान मंदिर भेजा गया, जहाँ मंदिर के पुजारियों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ भोग-प्रसाद अर्पित कर उसे श्री काशी विश्वनाथ महादेव को समर्पित किए जाने की परंपरा संपन्न की गई। इस धार्मिक अनुष्ठान में नायब तहसीलदार, मजिस्ट्रेट मिनी एल. शेखर, बड़े हनुमान मंदिर के वरिष्ठ पुजारी महंत पुनीत पुरी महाराज, पुजारी सूरज पांडेय, मेला प्राधिकरण से श्री ऋषि राज मिश्रा (मेला प्रबंधक) सहित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास, वाराणसी शिविर के संबंधित पदाधिकारी एवं प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि यह प्राचीन परंपरा आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित की गई थी, जिसे वर्तमान में मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने सनातन सांस्कृतिक समन्वय एवं नवाचार के माध्यम से पुनः जीवंत करने का पूरा प्रयास किया है। इस क्रम में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बड़े हनुमान मंदिर एवं श्री कुंभेश्वर महादेव को भोग-प्रसाद एवं उपहार भी प्रेषित किए जाएंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
