बांदा, 27 फ़रवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा के मरका थाना क्षेत्र से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक विवाहिता ने पारिवारिक विवाद से तंग आकर अपनी पांच वर्षीय मासूम बेटी को मरका-अशोथर पुल से यमुना नदी में फेंक दिया। महिला खुद भी नदी में कूदकर जान देने वाली थी, लेकिन राहगीरों की सूझबूझ से उसकी जान बच गई।

मरका थाना क्षेत्र के उसरा निवासी ब्रजराज यादव की पुत्री रुबीना (25), जिसका विवाह राजू कुमार के साथ हुआ था, पिछले करीब 5 वर्षों से अपने मायके में ही रह रही थी। परिजनों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे वह अपनी बेटी पिंकी (5) के बाल कटवाने के बहाने घर से निकली थी। पुल पर पहुँचने के बाद रुबीना ने किसी राहगीर के फोन से अपनी माँ को फोन किया और आत्महत्या करने की बात कहकर फोन काट दिया। इसके कुछ ही देर बाद उसने अपनी कलेजे के टुकड़े को उफनती लहरों के हवाले कर दिया।

रुबीना जैसे ही खुद छलांग लगाने वाली थी, वहाँ से गुजर रहे राहगीरों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने महिला को हिरासत में ले लिया है। प्राथमिक पूछताछ में पता चला है कि ससुराल पक्ष से चल रहे आपसी कलह और तनाव के कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बच्ची की तलाश के लिए युद्धस्तर पर अभियान छेड़ दिया है। स्थानीय गोताखोरों, स्टीमर और नावों की मदद से यमुना में बच्ची को तलाशा जा रहा है। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम से भी संपर्क किया है ताकि रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी लाई जा सके।
क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह ने बताया कि पारिवारिक कारणों के चलते महिला ने अपनी पुत्री को नदी में फेंका है। महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है और हिरासत में है। बच्ची की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद ली जा रही है। मामले में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह
