जोधपुर, 12 मार्च (हि.स.)। जोधपुर संभाग की तीन प्रमुख नदियों बांडी, लूनी और जोजरीक के प्रदूषित होने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ने जांच कर अपनी पहली स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है। कमेटी ने अपनी जांच में जोधपुर, पाली और बालोतरा की नदियों में फैले भयावह औद्योगिक प्रदूषण का विस्तृत ब्यौरा दिया है। रिपोर्ट में बताया कि तीनों नदियां औद्योगिक नाले बन गई हैं। किसानों की फसलें भी केवल पांच प्रतिशत ही सुरक्षित बची हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी की ओर से सौंपी गई 202 पन्नों की अंतरिम स्टेटस रिपोर्ट की समीक्षा की।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कमेटी की ओर से किए गए विस्तृत काम (अलग-अलग भागों में की गई कार्रवाईयां और सिफारिशें) पर गौर किया। कोर्ट ने राजस्थान सरकार और उसके अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनके पैर खींचनेयानी टालमटोल वाले रवैये के कारण सार्वजनिक संपत्तियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार ने कमेटी को जांच के लिए पर्याप्त लॉजिस्टिक और मानव संसाधन उपलब्ध नहीं कराए।
राजस्थान के अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि अगली सुनवाई तक कमेटी की लॉजिस्टिक और स्टाफ संबंधी सभी समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा। इस मामले में जोधपुर के अधिवक्ता दिग्विजय सिंह जसोल के आग्रह पर सुप्रीम कोर्ट से कमेटी की रिपोर्ट सभी पक्षों को उपलब्ध कराने के आदेश दिए। अगली सुनवाई के लिए 17 मार्च को होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश
