मीरजापुर, 10 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर के राजगढ़ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय पुरैनिया में मिडडे मील के तहत बच्चों को सड़े-गले बेर बांटने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की शिकायत ग्राम प्रधान ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से करते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।

घटना विकासखंड राजगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पुरैनिया की बताई जा रही है। सोमवार को मिडडे मील के तहत बच्चों को रोटी-सब्जी के साथ मौसमी फल देने का प्रावधान है, लेकिन आरोप है कि विद्यालय में ताजे फल के बजाय सड़े-गले और खराब बेर बच्चों में बांट दिए गए। ग्राम प्रधान रामलाल के अनुसार जब अभिभावकों को इसकी जानकारी हुई तो वे विद्यालय पहुंच गए और इसका विरोध जताया। उनका आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने बाजार से ताजे फल लाने के बजाय खराब बेर बच्चों में बांट दिए। जब इस संबंध में उनसे बात की गई तो उन्होंने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि विद्यालय में शिक्षकों की उपस्थिति भी नियमित नहीं रहती, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत द्वारा समय-समय पर भुगतान किए जाने के बावजूद बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं में लापरवाही बरती जा रही है।
ग्राम प्रधान रामलाल ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। वहीं इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी संजय यादव ने मामले की जानकारी न होने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक कार्यालय विद्यालय से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद स्कूलों का नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा
