गुवाहाटी, 26 मार्च (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को प्रख्यात साहित्यकार मित्रदेव महंत की पुण्यतिथि पर उन्हें गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की और असमिया भाषा एवं साहित्य के प्रति उनके अतुलनीय योगदान को स्मरण किया।

मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में गुरुवार को कहा कि महंत ने अपना पूरा जीवन असमिया भाषा और साहित्य की सेवा में समर्पित कर दिया। उन्होंने समाज को यह सिखाया कि भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि एक समाज और राष्ट्र की आत्मा होती है।
उन्होंने आगे कहा कि “चिर सेनेही मोर भाषा जननी” के माध्यम से महंत ने भाषा प्रेम की एक अमर ज्योति प्रज्वलित की, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश
