जयपुर, 16 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश में मिलावटखोरी के खिलाफ चल रहे ‘शुद्ध आहार एवं मिलावट पर वार’ अभियान के तहत जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर सघन निरीक्षण करते हुए बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान 1422 लीटर घी सीज किया गया, वहीं बिलौना घी के एक बैच के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर टीमों ने शहर में सैंपलिंग और जांच की कार्रवाई की।अधिकारियों ने मैसर्स शंकर एजेंसी का निरीक्षण कर गुलकंद सिरप, गवावा क्रश, पपीता प्रिजर्व फूड, सोया सॉस, चिली सॉस और कॉन्टिनेंटल सॉस के कुल 6 नमूने लिए। मिलावट के संदेह पर मौके से 99 लीटर गुलकंद सिरप, 22 लीटर गवावा क्रश, 97 किलोग्राम पपीता प्रिजर्व फूड, 142 किलोग्राम सोया सॉस, 78 किलोग्राम ग्रीन चिली सॉस और 120 किलोग्राम कॉन्टिनेंटल सॉस को सीज किया गया। इसके अलावा अवैध पाए जाने पर 175 किलो कस्टर्ड पाउडर, 240 किलो चेरी पपीता फ्रूटी और 750 किलो फलूदा नष्ट करवाया गया।अतिरिक्त आयुक्त भगवत सिंह ने बताया कि श्री अनु मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड का निरीक्षण कर घी बिलौना (बैच नं. 024) और घी डेयरी फ्रेश (बैच नं. 23) के नमूने लिए गए। मौके पर 1422 लीटर घी सीज किया गया। वहीं, बिलौना घी के बैच नं. 029 का नमूना जांच में असुरक्षित पाए जाने पर उसके विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है। संबंधित विक्रेताओं और निर्माताओं को उक्त बैच बाजार में न बेचने के निर्देश दिए गए हैं।खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश
