मुंबई, 05 अप्रैल (हि.स.)। मुंबई को जलापूर्ति करनेवाले जलाशयों में सिर्फ 37 फीसदी पानी बचा है। गर्मी के कारण लगातार घट रहे जलस्तर ने मुंबई वासियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि यह पानी भंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में ज्यादा है। फिर भी मानसून की अठखेलियों को देखते हुए बीएमसी की चिंता अगले दो महीने के जल प्रबंधन को लेकर बढ़ गई है।

मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले जलाशयों में पानी का स्टोरेज गर्मियों की शुरुआत से ही तेज़ी से कम हो रहा है। मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले सभी सात झीलों अपर वैतरणा, मोडकसागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी में पानी का स्टोरेज घटकर 37.70 प्रतिशत रह गया है। इन सभी सात जलाशयों से मुंबईकरों को हर दिन 4000 मिलियन लीटर पानी सप्लाई किया जाता है। गर्मी बढ़ने लगी है और मुंबई महानगरपालिका प्रशासन को ऐसी प्लानिंग करनी होगी कि जुलाई के आखिर तक जल भंडारण बना रहे।
सातों झीलों की जल भंजारण क्षमता 14 लाख 47 हज़ार मिलियन लीटर है। फिलहाल 5 लाख 45 हज़ार 680 मिलियन लीटर पानी स्टोर है। हालांकि यह पानी भंडारण पिछले साल से ज़्यादा है। लेकिन मुंबई में कई जगहों पर पानी का प्रेशर पहले से ही कम है। इस वजह से मुंबई के कई हिस्सों में पानी की कमी हो रही है। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ने लगी है, पानी का वाष्पीकरण भी बड़े पैमाने पर हो रहा है। इसलिए आगामी दिनों में पानी भंडारण और कम होनी की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
