कोलकाता, 06 फरवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग और भावनाओं को आखिरकार मान्यता मिल गई है। राज्य सरकार ने मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय के नाम में बदलाव का फैसला लिया है। अब यह शिक्षण संस्थान ‘मुर्शिदाबाद राजा कृष्णनाथ विश्वविद्यालय’ के नाम से जाना जाएगा। इस संबंध में विधेयक शनिवार को राज्य विधानसभा में पारित किया जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद नाम परिवर्तन आधिकारिक रूप से लागू हो जाएगा।

ऐतिहासिक कृष्णनाथ कॉलेज को केंद्र में रखकर जब मुर्शिदाबाद विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी, तभी से जिले के एक बड़े वर्ग में असंतोष था। राजा कृष्णनाथ द्वारा दान की गई जिस जमीन पर यह शिक्षण संस्थान विकसित हुआ, उनके नाम को विश्वविद्यालय से बाहर रखने को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश था।

उल्लेखनीय है कि, कृष्णनाथ कॉलेज की स्थापना वर्ष 1853 में हुई थी और इसका ऐतिहासिक महत्व रहा है। विश्वविद्यालय बनने के बाद राजा कृष्णनाथ का नाम न जुड़ने से इसे जिले के इतिहास और परंपरा का अपमान माना जा रहा था। इस मुद्दे पर जिले के विभिन्न हिस्सों में आंदोलन भी शुरू हो गया था। पूर्व छात्रों से लेकर बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों तक ने नाम परिवर्तन की मांग उठाई थी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सहमति से जिले के लोगों की इस लंबे समय से चली आ रही मांग को सम्मान देते हुए नाम बदलने का निर्णय अंतिम रूप दिया गया है।
इस घोषणा के बाद बहरमपुर समेत पूरे मुर्शिदाबाद जिले में खुशी का माहौल है। इतिहासकारों का मानना है कि राजा कृष्णनाथ के योगदान को औपचारिक मान्यता देकर यह नामकरण शिक्षा जगत में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश देगा। प्रशासनिक स्तर पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की तैयारी भी शुरू हो गई है।————–
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
