यमुनानगर, 15 मार्च (हि.स.)। जिले में अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। खनन विभाग, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को शामिल कर गठित टीमों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में नियमित निगरानी और छापेमारी की जा रही है। अभियान के दौरान अवैध खनन में प्रयुक्त वाहनों और मशीनों को जब्त करने के साथ-साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर बनाए गए विशेष निगरानी तंत्र के तहत नदी, नालों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि अवैध खनन की आशंका वाले स्थानों पर नियमित गश्त की जाए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

इसके लिए विभिन्न स्थानों पर नाके भी लगाए गए हैं, जहां से गुजरने वाले वाहनों की जांच की जा रही है। रादौर क्षेत्र में मोबाइल टीमों द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई के दौरान गांव पोबारी के समीप देर रात अचानक छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में शामिल कुछ ट्रैक्टर-ट्रॉली मौके पर पाई गईं। टीम को देखकर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से पांच ट्रैक्टर-ट्रॉली और करीब दस ट्रॉलियां कब्जे में लेकर जठलाना थाना में पहुंचा दीं। संबंधित विभाग द्वारा मौके का माप लेकर अवैध खनन की मात्रा का आकलन किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में रादौर उपमंडल में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान 35 वाहनों के चालान किए गए और उन पर कुल 17 लाख 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
प्रशासनिक टीमों के अधिकारियाें ने रविवार काे बताया कि अवैध खनन से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ भूमि कटाव और बाढ़ जैसी समस्याओं का खतरा भी बढ़ जाता है। इसी कारण नदी-नालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। संयुक्त टीमें आगे भी नियमित रूप से छापेमारी और जांच अभियान जारी रखेंगी, ताकि अवैध खनन और ओवरलोड परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार
