नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली की एक तिहाई आबादी वाले यमुनापार क्षेत्र में विकास की गति को प्रभावी रूप से बढ़ाने के लिए ट्रांस-यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) ने प्रभावी कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की बैठक में गुरुवार को करीब 728 करोड़ रुपये की योजनाओं को पारित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनापार के विकास के लिए बजट में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही, बोर्ड के सदस्यों को निर्देश दिया कि आवश्यकता के आधार पर योजनाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, यमुनापार क्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष एवं विधायक अरविंदर सिंह लवली सहित बोर्ड के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में कहा कि ट्रांस-यमुना क्षेत्र का विकास दिल्ली सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का लक्ष्य यमुनापार को इतना विकसित करना है कि लोग यहां आना और यहां रहना स्वयं पसंद करें। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में संतुलन बेहद जरूरी है। केवल सौंदर्यीकरण ही नहीं बल्कि नागरिकों की बुनियादी आवश्यकताओं जैसे सड़कें, जल निकासी व्यवस्था, जलभराव की समस्या और सुरक्षित आवागमन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर चिंता जताई कि पिछली सरकार के कार्यकाल में बोर्ड को पूरी तरह से निष्क्रिय कर दिया गया था, जिसकी वजह से यमुनापार का विकास पूरी तरह ठप हो गया था और क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि बोर्ड ने जितने भी कामों की संस्तुति की है, वे सभी कार्य करवाए जाएंगे और इसके लिए बजट की कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आगामी मॉनसून को ध्यान में रखते हुए खराब सड़कों, ड्रेनेज और जलभराव की समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, उनकी स्थिति में तत्काल सुधार आवश्यक है ताकि आम जनता को असुविधा और दुर्घटनाओं से बचाया जा सके।
कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि लंबे समय तक यमुनापार को विकास से वंचित रखा गया, जबकि यहां की आबादी और आवश्यकताएं लगातार बढ़ती रहीं। अब इस असंतुलन को दूर करने का ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस स्तर पर राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान दिल्ली के कुछ हिस्सों में बुनियादी ढांचे का विकास हुआ, उसी स्तर का विकास अब यमुनापार क्षेत्र में भी किया जाएगा। सड़कों, ड्रेनेज, सार्वजनिक सुविधाओं और पर्यटन से जुड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि यमुनापार क्षेत्र दिल्ली के प्रमुख विकसित क्षेत्रों में शामिल हो सके।
बोर्ड के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यमुनापार क्षेत्र के विकास के लिए सभी विधायकों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रस्ताव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक प्रयास यमुनापार क्षेत्र की बुनियादी तस्वीर बदलने में सहायक सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव
