जगदलपुर, 24 मार्च (हि.स.)। बस्तर लोकसभा समन्वयक आदित्य सिंह बिसेन के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान आदित्य सिंह बिसेन ने आरटीओ अधिकारी और तहसीलदार सामने सीधे नोटों से भरा एक बैग रख दिया और दो टूक शब्दों में कहा कि “बस्तर की जनता को बुनियादी और सुरक्षित परिवहन सुविधाएं देने के लिए आपको और कितना कमीशन चाहिए? ये लीजिए पैसे, लेकिन हमारी जनता की जान से खेलना बंद कीजिए!” युवा कांग्रेस ने प्रशासन को आईना दिखाते हुए स्पष्ट किया कि बस्तर की जनता अब आरटीओ और बस माफियाओं के इस खूनी गठजोड़ को बर्दाश्त नहीं करेगी।

प्रदर्शन के दौरान उठाए गए प्रमुख मुद्दे: सभी बसों में अनिवार्य रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर), आपातकालीन द्वार, सुरक्षित खिड़कियां और महिलाओं/बुजुर्गों के लिए सीटों का आरक्षण सुनिश्चित हो। अवैध वसूली पर रोक: पुराने वाहनों की बिक्री पर नए वाहन की कीमत के आधार पर 1% का अतार्किक ‘केदार टैक्स’ वसूलना तत्काल बंद हो। लाइसेंस के नाम पर खुली लूट: ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नाम पर आम युवाओं से की जा रही अवैध वसूली पर तुरंत लगाम लगे। कंडम बसों का संचालन बंद हो: ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना’ की आड़ में कबाड़ हो चुकी बसों का संचालन बंद किया जाए। गति सीमा निर्धारण: हर यात्री बस में अधिकतम 80 किमी/घंटा की गति सीमा का ‘स्पीड लॉक’ अनिवार्य रूप से लगाया जाए। मालवाहकों में यात्री परिवहन पर सख्ती: मालवाहक गाड़ियों में यात्रियों को मवेशियों की तरह ढोने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगे।
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि, आज बस्तर की सड़कें बस माफियाओं के लिए मुनाफा कमाने की मशीन और आम जनता के लिए मौत का कुआं बन गई हैं। शासन और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बनकर इस लूट को संरक्षण दे रहा है। पुराने वाहनों पर ‘केदार टैक्स’ के नाम पर जनता की जेब काटी जा रही है। अगर प्रशासन ने जनहित के इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो हम सड़क से लेकर सदन तक इस गूंगी-बहरी सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे।
आदित्य सिंह बिसेन ने कहा कि आरटीओ विभाग आज भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन गया है। हमने नोटों का बैग अधिकारियों के सामने रखकर उनकी मरी हुई अंतरात्मा को जगाने का प्रयास किया है। हम पूछना चाहते हैं कि बस्तरवासियों की जान की क्या कीमत है? लाइसेंस बनाने से लेकर फिटनेस सर्टिफिकेट तक, हर जगह सिर्फ दलाली चल रही है, जीपीएस के नाम पर 15-20 हजार रुपए वसूले जा रह हैं जबकि जीपीएस मॉनिटरिंग सेंटर संभाग में है ही नहीं, 80 किमी की गति सीमा पर लॉक वाली बसें हर हाल में चाहिए। जनता की जान से खिलवाड़ हम किसी भी कीमत पर नहीं होने देंगे।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष विशाल खंबारी ने कहा कि छात्र और युवा अपना लर्निंग लाइसेंस एवं ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आरटीओ जाते हैं, तो उन्हें लर्निंग के लिए 3000 एवं ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 5000-6000 रुपये तक की रिश्वत देने के लिए मजबूर किया जाता है। युवा कांग्रेस बस्तर के हर एक छात्र और नागरिक के हक की लड़ाई लड़ रही है। यदि आरटीओ प्रशासन अपनी इस तानाशाही और कमीशनखोरी से बाज नहीं आया, तो छात्र शक्ति पूरे जिले में चक्का जाम करने को विवश होगी।
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त महामंत्री शंकर राव,शहर जिला उपाध्यक्ष अतिरिक्त शुक्ला, शहर जिला महामंत्री विजय सिंह सैकड़ों युवा उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे
