’कानपुर, झांसी और लखनऊ बने रक्षा निवेश के गढ़, 62 इकाइयों को भूमि आवंटित’

लखनऊ, 12 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश को रक्षा और एयरोस्पेस विनिर्माण के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) अभूतपूर्व प्रगति कर रहा है। यूपीडा की ओर से 2018 में स्थापित यह रक्षा गलियारा अपने छह रणनीतिक नोड्स – कानपुर, झांसी, लखनऊ, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट के माध्यम से बड़े निवेश आकर्षित कर रहा है।
यूपीडा की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, यूपीडीआईसी के छह नोड्स में नौ (9) प्रमुख विनिर्माण इकाइयों ने अपना संचालन और उत्पादन शुरू कर दिया है, जो रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। यूपीडीआईसी के विभिन्न नोड्स में अब तक ’35,526 करोड़ रूपये’ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। जिनमें अब तक अधिग्रहित 2,040 हेक्टेयर भूमि में से 977.54 हेक्टेयर भूमि उद्योगों को आवंटित की गई है। वर्तमान में रक्षा और संबद्ध विनिर्माण के लिए छह केंद्रों में 62 कंपनियों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। जिसमें लगभग 11 कंपनियों के लिए पट्टा (लीज डीड) की प्रक्रिया प्रगति पर है।
रक्षा गलियारे के विभिन्न नोड्स में प्राप्त निवेश प्रस्ताव- कानपुर में 1,2803 करोड़ रूपये, झांसी में 11,738 करोड़ रूपये, लखनऊ 4,850 करोड़ रूपये , अलीगढ़ 4,490 करोड़ रूपये , चित्रकूट 880 करोड़ रूपये और आगरा में 607 करोड़ रुपये का निवेश आया है।
यूपीडीआईसी में कई अग्रणी कंपनियों ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। अदानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज लिमिटेड ने कानपुर में 1,500 करोड़ रूपये की लागत से बने गोला-बारूद निर्माण संयंत्र में उत्पादन शुरू किया है, जो कॉरिडोर का अब तक का सबसे बड़ा निवेश है।
अलीगढ़ में अमिटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (330 करोड़ रूपये) ने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सैटेलाइट तकनीक का उत्पादन शुरू किया है, जबकि वेरीविन डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड (65 करोड़ रूपये) और नित्या क्रिएशंस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (12 करोड़ रूपये) ने छोटे हथियारों और प्रिसिशन आर्म्स कंपोनेंट्स का निर्माण प्रारंभ किया है।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार, लखनऊ नोड रक्षा विनिर्माण का नया केंद्र बन रहा है, जहां एरोलॉय टेक्नोलॉजीज (320 करोड़ रूपये) ने टाइटेनियम कास्टिंग और डीआरडीओ की ब्रह्मोस एयरोस्पेस (300 करोड़ रूपये) ने ब्रह्मोस एनजी मिसाइल सिस्टम के उत्पादन की शुरुआत की है। इसके अलावा संकल्प सेफ्टी सॉल्यूशंस (14 करोड़ रूपये) ने सुरक्षा उपकरण और रक्षा परिधानों का निर्माण शुरू किया है।
वहीं कानपुर में ए.आर. पॉलिमर्स (48 करोड़ रूपये) और आधुनिक मटेरियल्स एंड साइंसेज (38.58 करोड़ रूपये) ने क्रमशः बैलिस्टिक मटेरियल्स और डिफेंस टेक्सटाइल्स का उत्पादन शुरू कर औद्योगिक गतिविधियों को गति दी है।
प्रधानमंत्री द्वारा 2018 में घोषित यह कॉरिडोर प्लग-एंड-प्ले इंफ्रास्ट्रक्चर और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं से रक्षा आत्मनिर्भरता को साकार कर रहा है। यह केवल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि एमएसएमई और स्टार्टअप्स को वैश्विक सप्लाई चेन से जोड़कर रोजगार, नवाचार और निर्यात-उन्मुख विकास का एक रणनीतिक केंद्र बन चुका है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा
