औरैया, 14 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रीय आयुष मिशन उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत संचालित योग वेलनेस सेंटर, राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय की गतिविधियों के तहत शनिवार प्रातःकाल प्रथम सत्र में दिबियापुर रोड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को वर्तमान समय की चुनौतियों और तनावपूर्ण वातावरण में संतुलित जीवन जीने के तरीके बताए गए।
योग प्रशिक्षक योगेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि आज की उथल-पुथल भरी दुनिया में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सीखना भी आवश्यक है। जब तक विद्यार्थियों को जीवन को सही ढंग से जीने का तरीका नहीं सिखाया जाएगा, तब तक वे अचानक आने वाली समस्याओं का सामना करने में असहज महसूस करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति बढ़ाने के उपाय और सहजता के साथ जीवन जीने की कला के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संयमित और संतुलित जीवनशैली अपनाने से ही “जियो और जीने दो” की भावना को सही मायने में समझा जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में योग प्रशिक्षक ने छात्र-छात्राओं को शरीर और मन को शांत रखने के लिए सामूहिक रूप से तीन बार “ओम शांति” का उच्चारण कराया तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए भस्त्रिका प्राणायाम का अभ्यास भी करवाया।
वहीं योग वेलनेस सेंटर में कुल 27 मरीजों ने परामर्श लिया, जिनमें 15 पुरुष और 12 महिलाएं शामिल रहीं। मरीजों ने सिरदर्द, बवासीर, खुजली, जुकाम, खांसी, बुखार, अफरा तथा छाती में दर्द जैसी समस्याओं के समाधान के लिए योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में जानकारी प्राप्त की। योग प्रशिक्षक योगेंद्र कुमार मिश्रा ने उन्हें नियमित योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए।
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार
