
—‘रास’ एवं ‘फूलों की होली’ देख शिवभक्त आह्लादित,मनोहारी शहनाई वादन भी

वाराणसी,27 फरवरी (हि.स.)। रंगभरी एकादशी पर शुक्रवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम के शंकराचार्य चौक स्थित ‘शिवार्चनम्’ मंच पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या में ब्रज के रसियारों के ‘रासनृत्य’ व फूलों से होली खेलते देख शिवभक्त गदगद दिखे। सांस्कृतिक संध्या में ब्रज के प्रतिष्ठित कलाकारों ने दिव्य एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी। भक्तिमय प्रस्तुतियों, शास्त्रीय संगीत एवं आध्यात्मिक नृत्य-नाटिकाओं की प्रस्तुति आकर्षण बनी रही। इसके पहले सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कलाकारों ने शिव-भक्ति पर आधारित भजन एवं स्तुतियाँ प्रस्तुत कर काशी की आध्यात्मिक परंपरा को सजीव किया। ब्रज के रसियारों द्वारा ‘रास’ एवं ‘फूलों की होली’ का भव्य आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में सुनील प्रसन्ना एवं उनके सह-कलाकारों ने मनोहारी शहनाई वादन प्रस्तुत किया । पूनम श्रीवास्तव ने भावपूर्ण भजन गायन से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री काशी रास विद्या वृंद, शिवम सिंह, राधिका मिश्रा, शुभम सृतिक, वृष्टि चक्रवर्ती, राजन तिवारी एवं प्रिया सिंह ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से सांस्कृतिक संध्या को नई उंचाई पर पहुंचाया। कार्यक्रम के दौरान “हर-हर महादेव” के जयघोष से सम्पूर्ण धाम परिसर गुंजायमान रहा। कार्यक्रम के अंत में देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति एवं जनकल्याण की मंगलकामना की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी
