कोलकाता, 12 मार्च (हि.स.)। तृणमूल कांग्रेस ने देश में रसोई गैस की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोतरी को लेकर गुरुवार को केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और इसे पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव से जोड़ते हुए केंद्र की खराब योजना का परिणाम बताया।

कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और पार्टी प्रवक्ता तन्मय घोष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की दूरदर्शिता की कमी के कारण वर्तमान गैस संकट की स्थिति पैदा हुई है।
मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी स्थिति के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते गैस आपूर्ति बाधित हो सकती है, इसका पहले से अनुमान लगाया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजराइल का दौरा किया था तब भी संभावित संकट से निपटने के लिए कोई अग्रिम तैयारी नहीं की गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि रसोई गैस की कीमत में एक साथ 60 रुपये की वृद्धि कर इसे 1000 रुपये तक पहुंचा दिया गया है। साथ ही नए सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों की प्रतीक्षा अवधि तय कर दी गई है, जिससे पूरे देश में आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है।
तृणमूल कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तन्मय घोष ने कहा कि व्यावसायिक गैस की कमी के कारण कई राज्यों में होटल और भोजनालय घरेलू गैस का उपयोग करने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गैस संकट के कारण ऑटो किराए में भी बढ़ोतरी हुई है।
उन्होंने इस स्थिति की तुलना नोटबंदी और कोरोना महामारी के दौरान लगाए गए बंद से करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बार-बार आम लोगों को कतारों में खड़ा होने के लिए मजबूर कर रही है।
हालांकि केंद्र की आलोचना के साथ-साथ तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने राज्य के लोगों को भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
तन्मय घोष ने बताया कि राज्य में गैस आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए हल्दिया, कल्याणी और दुर्गापुर स्थित रिफाइनरियों से गैस को स्थिति सामान्य होने तक राज्य से बाहर नहीं भेजने का निर्देश दिया गया है।
इसके अलावा राज्य प्रशासन विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन और समेकित बाल विकास सेवा के तहत भोजन व्यवस्था पर भी नजर रख रहा है ताकि इन सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए।—————
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
