मुंबई, 02 फरवरी (हि.स.)। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राऊत ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि इसके पीछे बड़ी सियासी साजिश की संभावना है। उन्होंने सीधे तौर पर इस मामले की तुलना जस्टिस लोया केस से की है।

ऱाऊत ने ने कहा कि 15 जनवरी को अजित पवार ने सबके सामने कहा था कि उनके पास भाजपा नेताओं के घोटालों की फाइलें हैं और उन्हें जल्द ही जनता के सामने लाया जाएगा। इस बयान के ठीक 13 दिन बाद यानी 28 जनवरी को उनकी मौत हो गई। इसे सिर्फ संयोग नहीं माना जा सकता। राऊत ने कहा कि अजित पवार अपने घर यानी एनसीपी (शरद पवार) में लौटने की तैयारी कर रहे थे। शायद यह कुछ लोगों को मंजूर नहीं था। उन्होंने चेतावनी दी है कि मैं इस मामले को संसद में उठाऊंगा। जब तक इसके पीछे का मास्टरमाइंड सामने नहीं आ जाता, मैं चैन से नहीं बैठूंगा।
राऊत ने सवाल खड़े किए हैं कि छठा यात्री कहां है? विमान में 6 यात्री होने पर सिर्फ़ 5 बॉडी ही क्यों मिलीं? वह छठा आदमी कौन था और वह कहां गायब हो गया? जिस भयानक आग ने इंसानी शरीर को कोयले में बदल दिया, उसमें अजित पवार के पास रखे पेपर्स कैसे सेफ़ रहे? वे क्यों नहीं जले? जिस प्लेन में राज्य के उपमुख्यमंत्री सफ़र करते हैं, उसे बिना ‘मेंटेनेंस सर्टिफ़िकेट’ के उड़ने की परमिशन किसने और क्यों दी? इतने बड़े नेता की यात्रा के दौरान सिक्योरिटी नॉर्म्स का पालन क्यों नहीं किया गया? गौरतलब हो कि एनसीपी (एपी) विधायक अमोल मिटकरी और पार्टी नेता रूपाली ठोंबरे पाटिल भी यह सवाल उठा चुकी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार
