कोलकाता, 13 मार्च (हि.स.)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया उत्तर बंगाल दौरे को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त सी. सुधाकर और दार्जिलिंग के पूर्व जिलाधिकारी मनीष मिश्रा को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए राज्य सरकार को पत्र लिखा है।

सूत्रों के अनुसार राष्ट्रपति के दौरे के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था को लेकर उठे विवाद के बाद केंद्र की ओर से यह कदम उठाया गया है। हालांकि इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला है।
बताया गया है कि सात मार्च को राष्ट्रपति के सिलीगुड़ी दौरे के दौरान उनके कार्यक्रम स्थल में बदलाव और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठे थे। राष्ट्रपति देश की संवैधानिक प्रमुख होने के कारण उनके सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी भी प्रकार की चूक होने पर केंद्र सरकार सीधे हस्तक्षेप कर सकती है।
सी. सुधाकर भारतीय पुलिस सेवा और मनीष मिश्रा भारतीय प्रशासनिक सेवा के पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी हैं। इन सेवाओं का कैडर नियंत्रण केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास होता है, इसलिए आवश्यकता पड़ने पर केंद्र उन्हें प्रतिनियुक्ति पर बुला सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय काफी हद तक राज्य सरकार की सहमति पर निर्भर करता है।
नियमों के अनुसार राज्य सरकार चाहे तो केंद्र के अनुरोध को स्वीकार कर दोनों अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर भेज सकती है या प्रशासनिक जरूरतों का हवाला देकर इसे अस्वीकार भी कर सकती है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति मुर्मू पिछले सप्ताह एक अंतरराष्ट्रीय जनजातीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए उत्तर बंगाल आई थीं। उनके कार्यक्रम स्थल को सुरक्षा कारणों से बदला गया था, जिस पर उन्होंने असंतोष जताया था। उन्होंने यह सवाल भी उठाया था कि हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए मुख्यमंत्री या मंत्रिमंडल का कोई सदस्य क्यों मौजूद नहीं था।
इस मुद्दे पर राजनीतिक विवाद भी हुआ, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर राष्ट्रपति के अपमान का आरोप लगाया। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा था कि प्रोटोकॉल के अनुसार उनके स्वागत के लिए उनका उपस्थित रहना निर्धारित नहीं था। उन्होंने संबंधित दस्तावेज भी सार्वजनिक किए थे।
इसी घटनाक्रम के बीच राज्य सरकार ने हाल ही में मनीष मिश्रा का तबादला कर उन्हें गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग में विशेष सचिव नियुक्त कर दिया है, जबकि सुनील अग्रवाल को दार्जिलिंग का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर
