नई दिल्ली, 09 फ़रवरी (हि.स.)। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष डॉ. पीटी उषा से उनके नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में औपचारिक मुलाकात की। दोनों संस्थानों ने भारत में ओलंपिक शिक्षा को मजबूत करने और भारतीय राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को वैश्विक ओलंपिक शिक्षा ढांचे से और अधिक जोड़ने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।

इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के निदेशक डॉ. माकिस असिमाकोपोलोस और एनओए/एनओसी संबंधों की प्रमुख एलेक्ज़ेंड्रा कराइस्कू ने किया।

बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी ने भारत की राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के पुनः सक्रिय किए जाने पर भारतीय ओलंपिक संघ को बधाई दी।
9 जनवरी को औपचारिक रूप से पुनः लॉन्च की गई राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को भारत में शिक्षा, मूल्यों पर आधारित नेतृत्व और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण के माध्यम से ओलंपिक आंदोलन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत कदम बताया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने ओलंपियन डॉ. उषा को राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी की अध्यक्ष और गगन नारंग को निदेशक नियुक्त किए जाने का भी स्वागत किया।
इस अवसर पर खेल शिक्षा को विश्वसनीय, समावेशी और खिलाड़ी-केंद्रित बनाने में खिलाड़ियों के नेतृत्व की भूमिका को अहम बताया गया।
यह बैठक भारतीय ओलंपिक संघ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रघुराम अय्यर की उपस्थिति में हुई, जिसमें दोनों संस्थानों ने भारत में ओलंपिक शिक्षा को मजबूत करने और भारतीय राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को वैश्विक ओलंपिक शिक्षा ढांचे से और अधिक जोड़ने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
बैठक में स्पष्ट परिणामों वाले संरचित ओलंपिक शिक्षा कार्यक्रमों के विकास, शिक्षकों की क्षमता वृद्धि, युवाओं की भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय ज्ञान आदान-प्रदान पर चर्चा की गई। साथ ही, राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को भारत में ओलंपिज़्म की केंद्रीय बौद्धिक और शैक्षणिक संस्था के रूप में विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि सुशासन, नैतिक नेतृत्व और सतत खेल विकास को बढ़ावा मिल सके।
भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष डॉ. पी. टी. उषा ने खेलों में ईमानदारी, समावेशन और सततता को बढ़ावा देने में शिक्षा की भूमिका को रेखांकित किया।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के सहयोग से राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने, खिलाड़ियों के कल्याण की सुरक्षा और भारतीय खेलों के भविष्य के नेताओं के विकास के प्रति भारतीय ओलंपिक संघ की प्रतिबद्धता दोहराई।
दोनों संस्थानों ने ओलंपिक मूल्यों—नैतिकता, निष्पक्ष खेल, सम्मान, समावेशन और ईमानदारी—की रक्षा की अपनी साझा जिम्मेदारी पर जोर दिया, जो खेलों की विश्वसनीयता और विश्वास के लिए आवश्यक हैं।
खिलाड़ी कल्याण शिक्षा, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा, डोपिंग रोधी उपाय और प्रतिस्पर्धी करियर के बाद का संक्रमण शामिल है, को प्राथमिकता क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया।
इसके अलावा, युवाओं की भागीदारी और नेतृत्व विकास को भारत में ओलंपिक आंदोलन की दीर्घकालिक प्रासंगिकता और स्थिरता के प्रमुख स्तंभ बताया गया। बैठक में भारत के ओलंपिक इतिहास और खेल विरासत के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों, लिंगों और खेल विधाओं में विविधता और प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी ने संस्थागत आदान-प्रदान, संयुक्त कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सत्रों में भागीदारी के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी को सहयोग देने की अपनी तत्परता दोहराई। दोनों संगठनों ने राष्ट्रीय ओलंपिक अकादमी के सतत विकास और प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए दीर्घकालिक रणनीतिक ढांचे, स्थायी वित्त पोषण मॉडल, पारदर्शी शासन और मापनीय परिणामों की आवश्यकता पर सहमति जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे
