बरेली, 6 फरवरी (हि.स.) । उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में हाफिजगंज थाना क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में रास्ते के विवाद में हुई सुखलाल हत्याकांड मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश तबरेज अहमद की अदालत ने पूर्व प्रधान समेत पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

अभियोजन के अनुसार गांव में रास्ते पर पुआल डालने को लेकर शुरू हुआ विवाद धीरे-धीरे खूनी रंजिश में बदल गया था। मृतक सुखलाल के परिवार का आरोप था कि पड़ोसियों ने रास्ता अवरुद्ध कर दिया था, जिससे आवागमन बाधित हो गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव चल रहा था। घटना वाले दिन शाम करीब छह बजे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पूर्व नियोजित साजिश के तहत आरोपित असलहे लेकर सुखलाल के घर में घुस आए। गाली-गलौज के बीच ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी गई। परिजनों के सामने ही सुखलाल को गोलियों से छलनी कर दिया गया। मौके पर ही उनकी मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 11 गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य पेश किए गए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने नन्हें उर्फ रणजीत, सोमपाल, पूर्व प्रधान संजय, गुड्डा उर्फ विवेक नाई और भजन लाल को हत्या का दोषी करार दिया।
अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद व 50-50 हजार रुपये जुर्माना, जानलेवा हमले में दस-दस साल की सजा व 20-20 हजार रुपये जुर्माना सुनाया। दंगा, घर में घुसकर मारपीट व अन्य धाराओं में भी अलग-अलग सजाएं दी गईं। दो आरोपियों को अवैध हथियार रखने में एक-एक साल की सजा मिली। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अदालत ने जुर्माने की राशि मृतक के माता-पिता को देने और अतिरिक्त मुआवजे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया है। फैसले के बाद परिजनों ने इसे न्याय की जीत बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / देश दीपक गंगवार
