श्रीनगर, 19 मार्च (हि.स.)। कश्मीर कृषि निदेशालय ने आज कश्मीर मंडल के मधुमक्खी पालकों के लिए वैज्ञानिक मधुमक्खी पालन पर आयोजित सात दिवसीय व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया।

समापन समारोह श्रीनगर के लालमंडी स्थित कृषि परिसर में आयोजित किया गया।
13 मार्च, 2026 को शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन कश्मीर कृषि निदेशक सरताज अहमद शाह ने किया। इसका उद्देश्य मधुमक्खी पालन को एक स्थायी आजीविका विकल्प के रूप में बढ़ावा देना और मौजूदा एवं इच्छुक मधुमक्खी पालकों को मधुमक्खी पालन की आधुनिक, वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना था।
सत्रों में मधुमक्खी पालन प्रबंधन, रोग निवारण एवं नियंत्रण, शहद निकालने की उन्नत विधियाँ, छत्ते के उत्पादों में मूल्यवर्धन और बागवानी एवं तिलहन फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए परागण सेवाओं को बेहतर बनाने की रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
यह कार्यक्रम कश्मीर घाटी में मधुमक्खी पालन प्रथाओं को सुदृढ़ करने के लिए विभाग की व्यापक पहल का हिस्सा था जिससे शहद उत्पादन को बढ़ावा मिले, ग्रामीण रोजगार को समर्थन मिले और बेहतर परागण के माध्यम से कृषि स्थिरता में योगदान हो।
समापन समारोह के दौरान संयुक्त निदेशक (इनपुट्स), सोहन सिंह ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले उत्साही मधुमक्खी पालकों को सहभागिता प्रमाण पत्र वितरित किए।
प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए कश्मीर कृषि निदेशालय को इतने ज्ञानवर्धक और व्यावहारिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सत्रों ने उन्हें वैज्ञानिक विधियों की बहुमूल्य जानकारी प्रदान की जिससे उन्हें छत्ते की उत्पादकता बढ़ाने, कॉलोनियों का अधिक प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने और उन्नत मधुमक्खी पालन प्रथाओं के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / SONIA LALOTRA
