धनबाद, 10 फ़रवरी (हि.स.)। श्रमिक हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल आयोजित की जाएगी। इसे लेकर मंगलवार को धनबाद परिषदन में सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों की ओर से संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हड़ताल को सफल बनाने की अपील की गई।

प्रेस वार्ता में नेताओं ने बताया कि इससे पहले 9 जुलाई 2025 को भी चार लेबर कोड और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी हड़ताल की गई थी। उनका आरोप है कि नए श्रम कानूनों के लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं और वे खुद को असुरक्षित एवं असहाय महसूस कर रहे हैं। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां श्रमिकों के हितों के बजाय निजीकरण और कॉर्पोरेट घरानों को बढ़ावा देने वाली हैं। ऐसे में मजदूर संगठनों ने संयुक्त रूप से 12 फरवरी को हड़ताल कर विरोध दर्ज कराने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार के समक्ष कई मांगें रखीं गई हैं। जिनमें चारों श्रम संहिताओं एवं उनके नियमों को तत्काल रद्द करने, सम्मानजनक रोजगार और न्यूनतम मजदूरी की कानूनी गारंटी, सामाजिक सुरक्षा एवं पेंशन की व्यवस्था, सभी के लिए खाध, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास, कोयला उद्योग में कमर्शियल माइनिंग पर रोक, कोयला मजदूरों के लिए 20 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी 1-1-2017 से लागू करने, जेबीसीसीआई-12 का शीघ्र गठन, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों (लैंड लूजर) को तत्काल नियोजन, कोयला क्षेत्र में ठेका प्रथा पर अंकुश लगाने आदि मांगे शामिल है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि अगर सरकार मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नेताओं ने जिले के सभी श्रमिकों से 12 फरवरी की हड़ताल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील करते हुए कहा कि यह लड़ाई मजदूरों के अधिकार और सम्मानजनक जीवन के लिए है।
प्रेस वार्ता में ए.के. झा, ब्रजेंद्र प्रसाद सिंह, मानस चटर्जी, रंजन कुमार, भवानी बंदोपाध्याय, संतोष महतो, अर्जुन सिंह, रमेश सिंह, स्वप्न बनर्जी, एस.एस. डे, अमित कुमार झा, प्रमोद कुमार तिवारी, प्रीतम रवानी सहित बड़ी संख्या में ट्रेड यूनियन पदाधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार झा
