टाेंक, 10 फ़रवरी (हि.स.)। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं टोंक विधायक सचिन पायलट ने कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष और सार्थक संवाद बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आलोचना करना, सवाल पूछना और जिम्मेदारी तय करना विपक्ष की भूमिका है, लेकिन आज राजनीति में बढ़ता टकराव और दमन लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।

पायलट सोमवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं किसान नेता स्व. राजेश पायलट की जयंती के अवसर पर भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय “निःशुल्क दिव्यांग सहायता सामग्री वितरण शिविर” के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में समिति के संस्थापक डॉ. डी.आर. मेहता सहित अनेक विशिष्टजन उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि समाज में गरीब और असहाय लोगों की मदद करने की भावना सभी में होती है, लेकिन बहुत कम लोग इसे साकार कर पाते हैं।
श्री भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति ने अनेकों दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का उल्लेखनीय कार्य किया है।
स्व. राजेश पायलट को याद करते हुए पायलट ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन से यह संदेश दिया कि साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति भी मेहनत और लगन से ऊंचाइयों को छू सकता है। उनकी सोच थी कि शिक्षित और संवेदनशील लोग राजनीति में आगे आएं और जनसेवा को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि “जिस पेड़ की जड़ें गहरी होती हैं, वही ऊंचा उठता है।”
पायलट ने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता जताते हुए कहा कि चुनावी प्रतिस्पर्धा का नफरत में बदलना लोकतंत्र के लिए घातक है। यदि सभी एक-दूसरे के दुश्मन बन जाएंगे तो सहमति कैसे बनेगी—यह सोचने का विषय है।
उल्लेखनीय है कि 10 से 12 फरवरी तक चलने वाले इस शिविर में दिव्यांगजनों को कृत्रिम हाथ-पैर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, छड़ी, कैलिपर्स, सामान्य ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर एवं वॉकर का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
—————
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित
