वाराणसी, 10 फरवरी (हि. स.)। वाराणसी में 11वीं एनडीआरएफ के मुख्यालय की ओर से मंगलवार को जन जागरूकता ही सर्वोत्तम बचाव कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

दशाश्वमेध घाट पर एनडीआरएफ उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम में कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य जन सामान्य को आपदा प्रबंधन के सभी पहलुओं से परिचित कराना है। दुर्घटना के समय काम आने वाली विभिन्न प्रकार की जीवन रक्षक पद्धतियों और कौशल में प्रशिक्षित करना है। जिससे आपदा में होने वाली हानि को न्यूनतम स्तर तक लाया जा सके।

सामाजिक चेतना के इस कार्यक्रम के महत्व को रेखांकित करते हुए उप महानिरीक्षक ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित स्थानीय समुदाय होता है। इसलिए सर्वप्रथम आपात प्रतिक्रिया स्थानीय जन समुदाय द्वारा ही किया जाता है। अगर हम एक ऐसे समाज का निर्माण कर सकें, जिसके हर नागरिक को आपात स्थिति से निपटने सम्बंधी कौशल का ज्ञान हो तो आपदा में होने वाली भीषण जन हानि को नियंत्रित किया जा सकता है। अतः समाज के हर व्यक्ति के अंदर इस प्रकार के जीवन रक्षक कौशल का विकास हो सके, इसके लिए एनडीआरएफ सदैव प्रयत्नशील रहती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / शरद
