भराड़ीसैंण, 11 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और भविष्य की योजनाओं का विस्तृत ब्यौरा सदन के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

बुधवार देर शाम मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य आंदोलनकारियों, बलिदानियों और देवभूमि के देवी-देवताओं को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि गैरसैंण केवल भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि पहाड़ की आकांक्षाओं और स्वाभिमान का प्रतीक है। सरकार ने अपनी नीतियों में गैरसैंण की भावना को केंद्र में रखा है।
धामी ने कहा कि राज्य गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी को जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य विकास के नए चरण में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक” बनाने के संकल्प के साथ सरकार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि 1 लाख 11 हजार करोड़ रुपये का बजट राज्य के समग्र विकास का रोडमैप है। यह बजट मातृशक्ति, युवाओं, किसानों, उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संतुलित विकास पर केंद्रित है।
उन्होंने बताया कि मुख्यसेवक के रूप में की गई 3885 घोषणाओं में से 2408 पूरी की जा चुकी हैं। राज्य की जीएसडीपी और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा बजट का आकार 60 हजार करोड़ से बढ़कर 1.11 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 से अधिक नई नीतियों के माध्यम से 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं और स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर लगभग 1750 हो गई है। पिछले साढ़े चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और भ्रष्टाचार के मामलों में 200 से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन और चार धाम ऑल वेदर रोड शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को तीन लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण तथा कृषि उपकरणों पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश में लगभग 1.70 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। पर्यटन, फिल्म नीति, होमस्टे और हेली सेवाओं के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के संतुलन के साथ उत्तराखंड के समग्र और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है व आने वाले वर्षों में राज्य विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
धामी ने गैरसैंण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र सहित आसपास के गांवों, विशेषकर सारकोट, में विकास कार्यों को गति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
अतिक्रमण के खिलाफ चल रही कार्रवाई का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि सरकार कानून के अनुसार कार्य कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि भू-कानून को और अधिक सशक्त बनाया गया है तथा “ऑपरेशन कालनेमि” के माध्यम से छद्म वेश धारण कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, पर भ्रष्टाचार और वोट बैंक की राजनीति के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्यहित सर्वोपरि है और सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय
