गुवाहाटी, 31 जनवरी (हि.स.)। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (पूसीरे) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक रेलवे बुनियादी ढांचे के विकास और सुरक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। इन प्रयासों से क्षेत्र में सुरक्षित, विश्वसनीय और यात्री अनुकूल रेलवे सेवाएं प्रदान करने की पूसीरे की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।

पूसीरे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) कपिंजल किशोर शर्मा ने शनिवार को बताया कि इस अवधि में इंजीनियरिंग विभाग द्वारा की गई केंद्रित पहलों के परिणामस्वरूप ट्रैक सुरक्षा, यात्री सुविधाओं और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रही। इस दौरान 09 रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का कमीशनिंग तथा 08 रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की उपलब्धियों से अधिक है। इसके अलावा, 21 मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग को समाप्त किया गया, जिससे दुर्घटना संभावित स्थलों में कमी आई और रेलवे नेटवर्क की समग्र सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई।
पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में, गर्डरों को फिर से लगाकर 12 पुलों का पुनर्निर्माण किया गया, जबकि 77 पुलों पर निरीक्षण और रखरखाव के लिए रास्ते उपलब्ध कराए गए, जिससे संपत्तियों की दीर्घकालिक विश्वसनीयता में सुधार हुआ।
सीपीआरओ ने बताया कि ट्रैक नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। इस अवधि में 337.4 किलोमीटर रेल नवीनीकरण और 329 किलोमीटर स्लीपर नवीनीकरण कार्य पूरे किए गए। इसके साथ ही, ट्रैक स्थिरता और यात्रा आराम बढ़ाने के लिए 7.649 लाख घन मीटर बैलास्ट नवीनीकरण किया गया। 16 स्थायी गति प्रतिबंध हटाए जाने से नेटवर्क पर ट्रेन संचालन की गति और समयबद्धता में सुधार हुआ है।
कपिजल किशोर शर्मा ने बताया कि यात्री सुविधाओं और स्टेशन अवसंरचना के विकास के तहत 13 फुट ओवर ब्रिज, 03 हाई-लेवल प्लेटफॉर्म का उद्घाटन किया गया। साथ ही 07 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म ऊंचाई सुधार, 18 प्लेटफॉर्म शेड का निर्माण और 10 प्लेटफॉर्म का विस्तार किया गया। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत हयबरगांव स्टेशन पर कार्य पूर्ण किया गया, जो आधुनिक और यात्री-केंद्रित स्टेशन विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने बताया कि ट्रैक की सुरक्षा को और बेहतर बनाने के लिए, 197 टर्नआउट का नवीनीकरण किया गया, 180 मोटे वेब स्विच लगाए गए और 165 वेल्ड करने योग्य सीएमएस क्रॉसिंग स्थापित किए गए। इसके अतिरिक्त, 19 दोषपूर्ण लेआउट को ठीक किया गया और 207 टर्नआउट स्थानों पर गहन स्क्रीनिंग की गई।
सापीआरओ के मुताबिक, मैकेनाइज्ड ट्रैक रखरखाव के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई। दिसंबर 2025 में 10 पीक्यूआरएस पोर्टलों ने सीटीआर/टीआरएस (पी) कार्यों में 48.15 किलोमीटर की रिकॉर्ड मासिक प्रगति हासिल की। दिसंबर 2025 तक संचयी मैकेनाइज्ड प्रगति 251 किलोमीटर तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 100 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाती है।
संपत्तियों के बेहतर उपयोग से वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार हुआ। भूमि उपयोग तथा दुकानों और साइडिंगों के लाइेंस के माध्यम से 43 करोड़ रुपये की राजस्व आय अर्जित की गई। इसके अलावा, 29 स्टेशनों पर लूप लाइनों की गति 15 किमी प्रति घंटा से बढ़ाकर 30 किमी प्रति घंटा की गई, जिससे परिचालन दक्षता में वृद्धि हुई।
सीपीआरओ ने कहा कि ये उपलब्धियां अवसंरचना विकास, सुरक्षा सुदृढ़ीकरण और यात्री सुविधा पर पूसीरे के निरंतर फोकस को दर्शाती हैं। आधुनिकीकरण और क्षमता निर्माण पर जोर देते हुए पूसीरे क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने और एक भरोसेमंद रेलवे नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ———–
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय
