लखनऊ, 10 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक ने मंगलवार को विधान परिषद में नियम 111 के अंतर्गत विद्युत बिल के नियमित भुगतान के बावजूद विद्युत बिल में बकाया दर्शाने के विषय को प्रमुखता से उठाया।

विजय बहादुर पाठक ने कहा कि विद्युत बिल जारी करने में हो रही लापरवाही से उपभोक्ता परेशान है। करोड़ों लोग ऐसे हैं जो नियमित विद्युत भुगतान ऑनलाइन भी करते हैं जितने का बिल आया उतना करते हैं उसके बावजूद जब अगला बिल आता है तो उसमें बकाया दर्शाया मिलता है।

पाठक ने कहा कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रथम उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक विद्युत उपभोक्ताओं को विश्वस्तरीय, किफायती और निरन्तर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के साथ ही साथ पारदर्शी और तर्कसंगत टैरिफ (दरों) के अनुसार विद्युत बिल उपलब्ध कराना है। इस दिशा में बेहतर कार्य भी हो रहा है, निर्बाध विद्युत आपूर्ति के कारण राज्य में आमजन का जनजीवन भी व्यवस्थित हुआ है। किन्तु पावर कॉरपोरेशन द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं के साथ बड़े पैमाने पर लापरवाही की जा रही है। ऊर्जा प्रभार के नाम पर तर्क संगत टैरिफ (दरों) के अनुसार शहरी और ग्रामीण विद्युत उपभोक्ताओं के विद्युत बिल जारी करने में लापरवाही बरती जा रही है, कई स्थानों पर टैरिफ (दर) के आधार पर विद्युत बिल प्रस्तुत नहीं किए जा रहे है। इसके अतिरिक्त नियमित विद्युत बिलों का समय से भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं से प्रतिमाह के बिलों में बकाया धनराशि दिखाई जाती है और फिर इसकी वसूली भी की जाती है।
उन्होंने कहा ईमानदार विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा जब प्रतिमाह जो विद्युत बिल आया है उसका भुगतान किया जा रहा है तो फिर अगले बिल में विद्युत बकाया क्यों दर्शाया जा रहा है ? नियमित भुगतान प्रतिमाह करने के बावजूद अगले बिल में आम उपभोक्ता को विद्युत बकाया के कॉलम में राशि बकाया दिखायी जाती है। इसके कारण उपभोक्ता परेशान है और अपने को ठगा सा महसूस करता है।—————
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन
