जयपुर, 06 मार्च (हि.स.)। राजस्थान की 16वीं विधानसभा का पंचम सत्र केे दौरान शुक्रवार को हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए राजस्थान सरकार द्वारा अशांत क्षेत्रों में शांति व्यवस्था और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से अशांत क्षेत्रों के लिए बिल लाये जाने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से यह मांग उठाई जा रही थी कि कुछ क्षेत्रों में तेजी से बदल रही परिस्थितियों और बढ़ते असंतुलन को देखते हुए ठोस कानूनी व्यवस्था की आवश्यकता है। पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई क्षेत्र सामने आए जहाँ बहुसंख्यक समाज के लोग असुरक्षा और अन्य कारणों से पलायन करने को मजबूर हुए। कई स्थानों पर प्राचीन धर्मस्थलों पर अतिक्रमण और सामाजिक तनाव की घटनाएँ भी सामने आईं, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गई थी।
आचार्य ने कहा कि उन्होंने इस विषय को विधानसभा में चुने जाने से पूर्व भी उठाया था और विधानसभा में चुने जाने के बाद भी इस मांग को प्रमुखता से रखा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से भी इस संबंध में निवेदन किया गया था कि जयपुर के परकोटे क्षेत्र सहित राजस्थान के कई क्षेत्रों में ऐसी स्थितियाँ बन रही हैं जिनके समाधान के लिए कानून बनाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति का अध्ययन कराया गया। प्राप्त रिपोर्ट और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अशांत क्षेत्रों के लिए यह महत्वपूर्ण बिल तैयार किया गया, जिसे आज विधानसभा में पारित किया जाएगा l
इस बिल के पारित होने से अशांत क्षेत्रों में तेजी से हो रहे पलायन पर रोक लगेगी, लोगों को मजबूरी में अपनी संपत्तियाँ बेचने की स्थिति कम होगी तथा सामाजिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। साथ ही प्राचीन धर्मस्थलों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और क्षेत्र के समग्र विकास को भी बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का हार्दिक अभिनंदन । यह बिल प्रदेश के कई क्षेत्रों के लिए संजीवनी साबित होगा और सामाजिक सद्भाव, शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव
