-दुदही-भरवलिया से बलुआ घाट तक गूंजे जयघोष, नौ दिवसीय यज्ञ में जुटे हजारों श्रद्धालु

पूर्वी चंपारण,06 मार्च (हि.स.)। जिले में हरसिद्धि प्रखंड के यादवपुर पंचायत अंतर्गत दुदही-भरवलिया गांव में आयोजित नौ दिवसीय शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत शुक्रवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। इस अवसर पर 1011 कुंवारी कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश रखकर विशाल शोभायात्रा निकाली।
कलश यात्रा यज्ञ स्थल दुदही-भरवलिया से प्रारंभ होकर यादवपुर पंचायत के विभिन्न मार्गों से होते हुए हरसिद्धि प्रखंड क्षेत्र के बलुआ घाट पहुंची। वहां सभी कन्याओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अपने कलश में पवित्र जल भरा। इसके बाद गाजे-बाजे और भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा पुनः यज्ञ मंडप लौटी, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के साथ महायज्ञ का शुभारंभ किया गया।
यज्ञ के मुख्य आचार्य राकेश मणि त्रिपाठी तथा हठयोगी मनमोहन दास ने वैदिक मंत्रों के साथ अनुष्ठान की शुरुआत करायी,आचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने बताया कि यज्ञ से समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश फैलता है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ का विशेष महत्व है, जिससे वातावरण और ब्रह्मांड की शुद्धि होती है तथा क्षेत्र से नकारात्मकता और कष्ट दूर होते हैं।
उन्होंने बताया कि इस महायज्ञ में श्रद्धालु नौ दिनों तक नियम-संयम के साथ पूजा-अर्चना में भाग लेते हैं और कई लोग व्रत रखकर अनुष्ठान में शामिल होते हैं। महायज्ञ का आयोजन 6 मार्च से 15 मार्च तक किया जाएगा,इस दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा।
यज्ञ समिति के अध्यक्ष अनिल कुशवाहा, कोषाध्यक्ष रामचंद्र कुशवाहा और सचिव शिव साह समेत क्षेत्र के कई गणमान्य लोग आयोजन की व्यवस्था में जुटे हैं। आयोजकों ने बताया कि महायज्ञ के दौरान दूर-दूर से आए कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-तमाशा और धार्मिक प्रस्तुतियां भी होंगी। साथ ही वृंदावन से रासलीला मंडली भी यहां भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का मंचन करेगी। कलश यात्रा और महायज्ञ के शुभारंभ के अवसर पर आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल देखने को मिला।
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हिन्दुस्थान समाचार / आनंद कुमार
