– मनमानी पड़ेगी भारी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

लखनऊ, 25 फरवरी(हि.स.)। शादी-ब्याह, बारात और अन्य सामाजिक आयोजनों में अब मनमानी नहीं चलेगी। तेज डीजे की गूंज महंगी पड़ सकती है। उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि शोर बढ़ेगा तो कार्रवाई का जोर भी बढ़ेगा। ध्वनि प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए शासन ने कड़े निर्देश जारी किए हैं और सभी जिलों में सख्ती के आदेश दिए हैं।

नेचर ग्रीन फ्यूचर ट्रस्ट के अध्यक्ष पर्यावरणविद् सुंदरम तिवारी की पहल के बाद प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) एवं विभागाध्यक्ष उत्तर प्रदेश ने सभी जिलों के अधिकारियों को तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आदेश के तहत जोनल, मंडलीय, क्षेत्रीय और प्रभागीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने तथा शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रात 10 के बाद नहीं बजेगा डीजे शासन का स्पष्ट निर्देश है कि रात्रि 10 बजे के बाद डीजे और लाउडस्पीकर का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। नियम तोड़ने पर आयोजकों, संचालकों और जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल पहले ही ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के सख्त पालन के निर्देश दे चुका है। बावजूद इसके कई स्थानों पर देर रात तक तेज ध्वनि की शिकायतें मिलती रही हैं। अब शासन ने साफ कर दिया है कि मनमानी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
समय से निपटाएं कार्यक्रम,कार्रवाई से बचें
इस सख्ती का सीधा असर शादी और अन्य आयोजनों की समय-सीमा पर पड़ेगा। देर रात तक चलने वाली बारातें और हाई-वॉल्यूम डीजे पर रोक लगेगी। आयोजकों को कार्यक्रम समय पर समाप्त करने होंगे और ध्वनि स्तर निर्धारित सीमा में रखना होगा। नियमों की अनदेखी पर जुर्माना, साउंड सिस्टम जब्ती या अन्य कानूनी कार्रवाई संभव है।
जनस्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा
विशेषज्ञों का मानना है कि तेज ध्वनि से अनिद्रा, तनाव, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का खतरा बढ़ता है। छात्र, बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। वहीं पक्षियों और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है।
अब शोर की सीमा लांघी तो कार्रवाई तय
सुंदरम तिवारी ने इसे जनहित में आवश्यक कदम बताते हुए कहा कि समाज के स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में यह निर्णय अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रदेशभर में आदेश का सख्ती से पालन होगा। स्पष्ट है कि अब शोर की सीमा लांघी तो कार्रवाई तय है।————–
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश
