धमतरी, 09 फ़रवरी (हि.स.)। इन दिनों शादी सीजन शुरू हो गया है। लेकिन खाद्य पदार्थों की जांच धीमी गति से चल रही है। विवाह सहित अन्य समारोह में लोग स्थानीय दुकानों के बजाय बाहर से मंगाया हुआ पनीर परोस रहे हैं। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच केवल शहर के डेयरियों, होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट तक सीमित हो गई। बड़े आयोजनों में पनीर का सप्लाई करने वाले कैटर्स पर खाद्य विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की जांच और कार्रवाई नहीं की जा रही है।

वर्तमान में शहर से लेकर गांव तक शादी का माहौल चल रहा है। इन आयोजनों में लोगों ने खाना बनाने और खिलाने का काम कैटरर्स को सौंप रखा है। ये कैटरर्स शादी वाले घर की मांग के अनुरूप भोजन के मेनू के अनुसार भोजन बनाकर परोस रहे हैं। इन आयोजनों में बड़ी मात्रा में पनीर का उपयोग भी किया जा रहा है। लेकिन पनीर की गुणवत्ता और शुद्धता पर कोई ठोस निगरानी नहीं की जा रही है। गर्मी के मौसम में पनीर जल्दी खराब होता है, ऐसे में बिना जांच के इस्तेमाल से स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है। इस सीजन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच का काम धीमी गति से चल रही है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग धमतरी के अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि एनालाग पनीर को लेकर लगातार निगरानी रखें हुए है। बाहर से एनालाग पनीर आने की कोई शिकायत नहीं मिली है। जांच के दौरान भी एनालाग पनीर नहीं मिला है। बस संचालकों से भी संपर्क बनाए हुए है। कहीं से भी एनालाग पनीर मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शादी और अन्य समारोह में पनीर उपयोग करने वाले खरीदते समय बिल अवश्य लें। कैटरर्स पर नजर रखें है। शिकायत कैटरर्स संचालकों पर कार्रवाई की जाएगी। सोया बीज को एक से दो दिन भिगोकर रखने के बाद उसका पेस्ट बनाकर इसे पानी में उबालकर दूध निकाला जाता है। सोया दूध बनने के बाद इसे फटाकर सोया पनीर बनाया जाता है। यह मार्केट में भी बिकता है। खाद्य मानकों का पालन नहीं करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है।
एनालाग और असली पनीर को ऐसे पहचाने
दूध पाउडर और वनस्पति तेल से एनालाग तैयार किया जाता है। इसमें तेल जैसा स्वाद होता है। यह पनीर कड़ा होता है। अक्सर विवाह और अन्य बड़े समारोह में एनालाग पनीर का उपयोग किया जाता है। अधिक तेल और फैट होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। असली पनीर को ताजे दूध से बनाया जाता है। इसमें दूध जैसा स्वाद रहता है। यह एकदम नरम रहता है। स्वास्थ्य और पोषण के लिहाज से हमेशा असली दूध का पनीर ही बेहतर विकल्प है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा
