

पश्चिमी सिंहभूम, 19 अप्रैल (हि.स.)। पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा स्थित पिल्लई हॉल रविवार को कला, संगीत और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर नजर आया, जब शारदा संगीतालय का वार्षिकोत्सव ‘पंखुड़ी 26’ भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर संगीतालय के बच्चों ने गायन, वादन, नृत्य और चित्रकला के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर परिषद अध्यक्ष नितिन प्रकाश, शास्त्रीय संगीतज्ञ पंडित सतीश शर्मा, समाजसेवी राम अवतार अग्रवाल, गुरमुख सिंह खोखर, राजीव कुमार और डॉ. मानोशी सातरा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। मुख्य अतिथि नितिन प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि शारदा संगीतालय अल्प समय में ही चाईबासा में सांस्कृतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि यहां प्रशिक्षित हो रहे बच्चे न केवल कला के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं, बल्कि शहर के सांस्कृतिक भविष्य को भी मजबूत बना रहे हैं।
संस्था के निदेशक मानस रॉय ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगीतालय की उपलब्धियों और उसके विकास में शिक्षकों, अभिभावकों तथा छात्रों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास और समर्पण के बल पर संस्था नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वर कोकिला दिवंगत आशा भोसले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए “दो लफ्जों की है दिल की कहानी” गीत से की गई, जिसने माहौल को भावुक बना दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक की प्रस्तुति दी, जिसमें विभिन्न वाद्ययंत्रों की धुनों ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत “चिट्ठी आई है” गीत ने भावनात्मक माहौल बना दिया और तालियों की गूंज से पूरा हॉल गूंज उठा। कथक नृत्य के माध्यम से गुरु वंदना की प्रस्तुति भी बेहद आकर्षक रही, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस वार्षिकोत्सव की खास बात यह रही कि इसमें केवल विद्यार्थियों ने ही नहीं, बल्कि शिक्षकों ने भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। गायन, वादन, नृत्य और चित्रकला की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को और भी समृद्ध बना दिया। मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि संयोजन ने पूरे आयोजन को पेशेवर रूप दिया।
गायन श्रेणी में सत्र 2025-26 के लिए दैविक दत्ता और त्रिशा सिंह को श्रेष्ठ विद्यार्थी सम्मान दिया गया। गिटार वादन में अर्पिता दे, मॉडर्न डांस में यश सिंह, अदिति सुंडी और तोशानी सेनगुप्ता, कथक में आराध्या रॉय, सिंथेसाइजर में अर्णव हेंब्रम तथा चित्रकला में नैतिक कुमार और अमृता कुमारी को पुरस्कृत किया गया। वहीं बेस्ट सपोर्टिंग स्टूडेंट के रूप में शिबू लियांगी और श्रीजीव गिरी को सम्मानित किया गया।
पीयाली सरकार, अपराजिता सिंह, जांबी लियांगी और रूपा आचार्जी सहित कई अभिभावकों ने आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। वहीं शिक्षकों में देवाशीष चटर्जी, प्रणब दरिपा, देबोजीत राय, आशीष सिन्हा, शुभांकर घोष, मुनमुन बोस, पार्थों सेनगुप्ता, विवेक सिन्हा, स्निग्धा दे, सौरभी दत्ता, दीपेश गोप और नेहा बोस की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का संचालन रमेश दास और जया दुबे ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि अंत में निदेशक मानस रॉय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया ।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक
