भुवनेश्वर, 09 जनवरी (हि.स.)। राज्य सरकार के स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत शिक्षकों, प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु गठित उच्चस्तरीय समिति ने उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यवंशी सूरज से शिष्टाचार भेंट की। समिति मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के निर्देश पर सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अशोक कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता में गठित की गई है।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं तथा शिक्षक-कर्मचारी संघों द्वारा रखी गई मांगों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए आवश्यक कदमों पर उच्च शिक्षा मंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के पश्चात उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के कौशल विकास, ओडिशा विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम-2024 के लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों में रिक्त कुलपति एवं प्राध्यापक पदों की शीघ्र नियुक्ति, महाविद्यालयों को स्वायत्त दर्जा प्रदान करने, तथा महाविद्यालयों में रिक्त शिक्षक एवं गैर-शिक्षकीय पदों को भरने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संघों द्वारा प्रस्तुत न्यायोचित मांगों की पूर्ति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनाने पर भी चर्चा हुई। समिति ने इस बात पर जोर दिया कि समयबद्ध निर्णय और समन्वित प्रयासों से ही उच्च शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सकता है।
इस बैठक में उच्चस्तरीय समिति के सदस्य शांतनु कुमार साहू, ओडिशा वित्तीय सेवा के अधिकारी एवं वित्त सलाहकार तथा गृह विभाग के विशेष सचिव; सनातन पंडा, ओडिशा शिक्षा सेवा (सेवानिवृत्त); और मनोरंजन मिश्रा, पूर्व अध्यक्ष, सरकारी महिला महाविद्यालय, बलांगीर, सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो
