अलीपुरद्वार, 26 मार्च (हि.स.)। शालकुमारहाट इलाके में लगातार हो रही बारिश के चलते शिसामारा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे नदी किनारे रहने वाले लोगों में डर का माहौल बन गया है। नाराज़ लोगों ने जिस वजह से वोट बहिष्कार का मन बना लिया है।

स्थानीय लोगों को पिछले साल पांच अक्टूबर की भयावह बाढ़ की याद सता रही है, जब नदी का बांध टूट गया था और डोलोमाइट मिला गंदा पानी घरों और सुपारी के बागानों को डुबो गया था।
हैरानी की बात यह है कि करीब छह महीने बीतने के बावजूद अब तक नया बांध तैयार नहीं हुआ है।
इस मुद्दे को लेकर शालकुमार एक और दो नंबर ग्राम पंचायत के नवपाड़ा, मुंशीपाड़ा और सिधाबाड़ी जैसे गांवों में लोगों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। चुनावी माहौल के बीच भी अब तक किसी भी राजनीतिक दल का उम्मीदवार इलाके का दौरा करने नहीं पहुंचा है।
गुस्साए ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर बांध का निर्माण नहीं हुआ तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि हर चुनाव में सिर्फ वादे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं होता है। लोगों को डर है कि अगर मानसून से पहले बांध नहीं बना तो हजारों लोगों को फिर से अपना घर छोड़ना पड़ सकता है।
सिंचाई विभाग के मुताबिक, नए बांध का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया गया है और फंड मिलते ही काम शुरू होगा। चुनावी माहौल के बीच फिलहाल ग्रामीणों को इस पर भरोसा नहीं है। शिसामारा नदी का बढ़ता जलस्तर और प्रशासन की सुस्ती दोनों ने मिलकर स्थानीय लोगों की चिंता और नाराजगी को और बढ़ा दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार
