मथुरा, 07 अप्रैल (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत ने मंगलवार को वृंदावन के मलूकपीठ आश्रम में आयाेजित संत मलूक दासजी महाराज के 452वें जयंती महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।उन्हाेंन संत शिरोमणि मलूकदास महाराज की समाधि पर पूजा-अर्चना भी की और यहां की दिव्य रज को अपने माथे से लगाया।उन्हाेंने एकता का संदेश भी दिया।

आरएसएस के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के मलूकपीठ आश्रम पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। समारोह में पूजा अर्चना करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सर संघचालक डॉ मोहन भागवत ने मंच से संतों संग एकता का संदेश दिया। इस आयाेजन की विशेष बताते हुए इसके महत्व काे रेखांकित किया। इस अवसर पर प्रख्यात योग गुरु स्वामी बाबा रामदेव भी उपस्थित रहे और उन्होंने भी सभी संतों काे नमन किया।
इस धार्मिक समारोह में गीतामनीषी ज्ञानानंद महाराज ने संत शिरोमणि मलूकदास महाराज के व्यक्तित्व व कृतित्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संत शिरोमणि मलूकदास महाराज दिव्य संत थे। गीतामनीषी ज्ञानांद महाराज उन्होंने संघ प्रमुख का मलूकपीठ आश्रम में प्रथम बार आगमन पर स्वागत किया। इस अवसर पर मलूकपीठाधीश्वर आचार्य राजेंद्रदास महाराज ने आरएसएस प्रमुख डॉ भागवत को ठाकुर जी की छवि भेंट की।
मंगलवार काे डाॅ भागवत के आगमन को लेकर मलूक पीठ परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है। जयंती समाराेह के इन कार्यक्रमाें में आज शाम काे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। उनके दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन और संगठन पूरी तरह सतर्क है।
उल्लेखनीय है कि वृंदावन के मलूक पीठ (वंशीवट) में 7 अप्रैल 2026 को संत मलूक दास जी महाराज का 452वां जयंती महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस आयोजन में अष्टयाम लीला, समाधि पूजन, और प्रमुख संतों की उपस्थिति के साथ आध्यात्मिक चर्चाएं हो रही हैं। 30 मार्च से चल रहा यह आयाेजन 8 अप्रैल तक चलेगा और इस महोत्सव में प्रतिदिन भक्तिमय कार्यक्रम आयोजित हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / शिव सिंह
